मानसून की गंदगी और जलभराव से निपटने के लिए नगर निगम का विशेष अभियान, फुटेज में देंखे 2500 सफाईकर्मी मैदान में
मानसून के दौरान शहर में बढ़ने वाली गंदगी, जलभराव और मौसमी बीमारियों के खतरे को देखते हुए नगर निगम जयपुर ने विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया है। ‘स्वच्छ जयपुर-स्वस्थ जयपुर’ थीम पर चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य शहर के प्रमुख इलाकों में सफाई व्यवस्था को मजबूत करना और मानसून के बाद पैदा होने वाली गंदगी को जल्द से जल्द हटाना है।यह विशेष अभियान 25 अगस्त से शुरू होकर 7 सितंबर तक चलेगा। नगर निगम ने अभियान को छह चरणों में बांटा है, ताकि अलग-अलग क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से सफाई और कचरा हटाने का काम पूरा किया जा सके।
विद्याधर नगर और मुरलीपुरा में 2500 सफाईकर्मी उतरे
अभियान के तहत मंगलवार को शहर के विद्याधर नगर और मुरलीपुरा जोन में बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है। नगर निगम के करीब 2500 सफाईकर्मी इस अभियान में मैदान में उतरे हैं।सफाईकर्मियों के साथ बड़ी संख्या में जेसीबी, हूपर और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। निगम का लक्ष्य केवल रोजाना होने वाली सामान्य सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि लंबे समय से गंदगी वाले स्थानों और कचरा जमा होने वाले संवेदनशील क्षेत्रों की भी विशेष सफाई की जा रही है।
GVP पर विशेष फोकस
नगर निगम ने अभियान के दौरान गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स यानी GVP को विशेष रूप से चिन्हित किया है। ये वे स्थान हैं जहां बार-बार कचरा जमा होने की समस्या रहती है।ऐसे स्थानों से कचरा हटाने के साथ आसपास की सफाई व्यवस्था को बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा सड़क किनारे, डिवाइडर, मीडियन और सार्वजनिक स्थानों पर जमा गंदगी को भी हटाया जा रहा है।नगर निगम का उद्देश्य इन स्थानों को नियमित सफाई व्यवस्था से जोड़ना है, ताकि अभियान खत्म होने के बाद भी यहां दोबारा कचरा जमा होने की समस्या कम हो।
C&D वेस्ट हटाने पर भी जोर
विशेष स्वच्छता अभियान में निर्माण एवं विध्वंस से निकलने वाले मलबे यानी C&D वेस्ट को हटाने पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। शहर के कई हिस्सों में सड़क किनारे और खाली जगहों पर निर्माण सामग्री और मलबा पड़ा रहता है, जिससे यातायात प्रभावित होने के साथ जल निकासी में भी परेशानी हो सकती है।नगर निगम की टीमें ऐसे स्थानों को चिन्हित कर मलबा हटाने का काम कर रही हैं। जेसीबी और अन्य मशीनरी की मदद से भारी मात्रा में जमा कचरे और मलबे को हटाया जा रहा है।
जलभराव और मौसमी बीमारियों पर नजर
मानसून के दौरान बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव और गंदगी की समस्या बढ़ जाती है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ती है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा पैदा हो सकता है।इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम बारिश के बाद जमा गंदगी और जलभराव वाले क्षेत्रों की सफाई पर भी जोर दे रहा है। सार्वजनिक स्थानों और सड़क किनारे जमा कचरे को हटाकर शहर को साफ रखने का प्रयास किया जा रहा है।
7 सितंबर तक चलेगा अभियान
नगर निगम जयपुर का यह विशेष अभियान 7 सितंबर तक छह चरणों में जारी रहेगा। अलग-अलग जोन और क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाकर गंदगी वाले स्थानों को साफ किया जाएगा।‘स्वच्छ जयपुर-स्वस्थ जयपुर’ अभियान के जरिए निगम का फोकस मानसून के दौरान पैदा हुई गंदगी को हटाने के साथ-साथ शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने पर है। बड़े पैमाने पर सफाईकर्मियों और मशीनरी की तैनाती से उम्मीद है कि अभियान के दौरान शहर के प्रमुख संवेदनशील स्थानों की सफाई में तेजी आएगी।

