क्या आप धन के पीछे भाग रहे हैं? अगर हाँ, तो अब रुक जाइए। यह संदेश शुक्रवार को मुनि आदित्य सागर ने आरसी व्यास कॉलोनी स्थित धांधोलाई स्कूल मैदान में उपस्थित लोगों को दिया। उन्होंने कहा कि साधना और मंत्रों में ऐसी शक्ति है कि आपको स्वयं नहीं, बल्कि धन और वैभव आपके पीछे आएंगे।
मुनि आदित्य सागर ने अपने व्याख्यान में बताया कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ और केवल धन की लालसा लोगों को मानसिक और आध्यात्मिक तनाव में डाल रही है। उन्होंने कहा कि अगर व्यक्ति सकारात्मक ऊर्जा, ध्यान और साधना के मार्ग को अपनाता है, तो धन और सफलता स्वतः उसके पास आकर्षित होगी।
उपस्थित लोगों ने इस अवसर पर ध्यान साधना और मंत्रों के प्रयोग के बारे में मुनि से मार्गदर्शन लिया। उन्होंने कहा कि यह न केवल आर्थिक सफलता के लिए उपयोगी है, बल्कि मानसिक शांति और आत्मिक विकास के लिए भी लाभकारी है।
मुनि आदित्य सागर ने लोगों से अपील की कि वे अपने जीवन में धन की इच्छा और लालसा को साधना और कर्म के साथ संतुलित करें। उन्होंने बताया कि केवल धन की लालसा के पीछे भागने से व्यक्ति कभी स्थायी सफलता और मानसिक संतोष नहीं पा सकता।
उपस्थित नागरिकों और श्रद्धालुओं ने इस संदेश को प्रेरक बताया। कई लोगों ने कहा कि इस व्याख्यान से उन्हें यह समझ में आया कि आध्यात्मिक साधना और सकारात्मक मानसिकता धन और सफलता को आकर्षित करने का सबसे प्रभावी तरीका है।
मुनि आदित्य सागर के अनुसार, साधना, मंत्र और सत्संग के माध्यम से व्यक्ति न केवल अपने जीवन में समृद्धि ला सकता है, बल्कि समाज में सकारात्मक प्रभाव भी डाल सकता है। उन्होंने कहा कि यह दृष्टिकोण केवल व्यक्तिगत लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे समाज में भी सकारात्मक ऊर्जा और सहयोग बढ़ता है।
इस प्रकार, धांधोलाई स्कूल मैदान में आयोजित यह कार्यक्रम लोगों के लिए आध्यात्मिक जागरूकता और आर्थिक प्रबंधन के बीच संतुलन सिखाने का माध्यम बना। मुनि आदित्य सागर के संदेश ने उपस्थित लोगों को यह विश्वास दिलाया कि धन और सफलता को पाने के लिए केवल दौड़ने की आवश्यकता नहीं, बल्कि साधना और सही मानसिक दृष्टिकोण सबसे महत्वपूर्ण हैं।

