मुंबई में 'स्पेशल 26' की तरह फर्जी अधिकारियों ने कारोबारी के कार्यालय पर मारा था छापा, 6 आरोपी गिरफ्तार
मुंबई, 6 सितंबर (आईएएनएस)। बॉलीवुड की मशहूर फिल्म 'स्पेशल 26' की तर्ज पर कारोबारी के कार्यालय पर फर्जी छापा मारा गया था। मुंबई के अंधेरी इलाके में खुद को इनकम टैक्स और क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर कारोबारी को उनके ही घर के बाहर से अपहरण कर लिया और 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। पुलिस ने इस फर्जी 'रेड' का खुलासा करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
साकीनाका के रहने वाले व्यापारी राजकुमार कंडासामी (49) अंधेरी पूर्व स्थित चकाला के सहार कार्गो एस्टेट में टु एम ऑप्थोट्रॉनिक्स प्रा. लि. नाम से आंखों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों का कारोबार करते हैं। 17 अगस्त को उनके दफ्तर के कर्मचारी ज्ञान सुभाष नैनार ने फोन कर बताया कि दफ्तर में इनकम टैक्स और क्राइम ब्रांच की रेड पड़ी है। अधिकारियों ने सभी 11 कर्मचारियों के मोबाइल फोन छीन लिए और सीसीटीवी कैमरे भी बंद करवा दिए। इसके तुरंत बाद फोन पर एक ठग ने गरजते हुए व्यापारी से कहा कि मैं इनकम टैक्स से बात कर रहा हूं, आपके ऑफिस में रेड पड़ी है। तुरंत आओ वरना उठाकर ले जाएंगे।
धमकी से सहमे व्यापारी अपनी पत्नी प्रिया के साथ फौरन दफ्तर जाने के लिए निकले। राजकुमार जैसे ही वे अपनी सोसाइटी के गेट पर पहुंचे, बाइक सवार दो संदिग्ध वहां आ पहुंचे। एक शख्स ने आईडी कार्ड दिखाकर इनकम टैक्स अधिकारी बताया और डरा-धमकाकर व्यापारी दंपति को उन्हीं की बुक की हुई कैब में जबरन बैठा लिया। आरोपियों ने दोनों के फोन छीन लिए और रास्ते में अपनी एक अन्य महिला साथी और अन्य पुरुष सहयोगियों को पीछे आने का इशारा किया। वे व्यापारी और उनकी पत्नी को जबरदस्ती उनके ही दफ्तर ले पहुंचे।
दफ्तर पहुंचने पर वहां कुल 6 पुरुष और 3 महिलाएं मौजूद थीं, जो खुद को जांच दल बता रही थीं। एक आरोपी ने फर्जी सर्च वारंट दिखाकर व्यापारी के दस्तखत करवाए और पेटी कैश के नियमों का हवाला देते हुए 1.70 लाख नकद लिए और 1.44 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाने की धमकी दी। इसके बाद एक अन्य आरोपी ने मामले को रफा-दफा करने और गिरफ्तारी से बचने के एवज में 1 करोड़ रुपये की मांग की। जब व्यापारी ने आधिकारिक कानूनी नोटिस की मांग की तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी और वहां से निकल गए।
आरोपियों के जाने के बाद व्यापारी ने अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट और इनकम टैक्स विभाग से संपर्क किया, तब जाकर इस पूरी फर्जी रेड का भंडाफोड़ हुआ। ठगी का अहसास होते ही व्यापारी ने अंधेरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। मामला दर्ज करने के बाद सहायक पुलिस निरीक्षक रामदास कदम और उनकी टीम ने 50 जगहों की सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद 4 सितंबर को 6 आरोपियों को धर दबोचा, जबकि 3 अन्य की तलाश जारी है।
आरोपियों की पहचान संतोष उदय खोपटकर (37), विनय रमेश मोरे (37), प्रेम किशन सबनानी (50), प्रज्ञा हरीश माईन (27), रेशमा शामराव वारंग (41) और सबीना हाफिज शेख (48) के रूप में हुई है। अन्य फरार आरोपियों की पहचान शबीना शेख (48), जितेंद्र मोरे और अशोक शिंदे (57) के रूप में हुई है, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावड़े ने बताया कि इस वारदात में पीड़ित कारोबारी का ड्राइवर संतोष खोपटकर भी शामिल था। ड्राइवर ने ही अन्य आरोपियों को कारोबारी के बारे में सारी जानकारी दी थी। कारोबारी ने उसे एक साल पहले नौकरी से निकाल दिया था। आरोपी प्रेम किशन सबनानी के खिलाफ इसी तरह के 3 और मामले दर्ज हैं। यह गिरोह हर बार अलग-अलग लोगों को लेकर इस तरह की वारदातों को अंजाम देता है।
--आईएएनएस
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