मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी 'इंडिया केम 2026' में ओडिशा के निवेश प्रयासों का नेतृत्व करेंगे
भुवनेश्वर, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओडिशा 22 अक्टूबर को मुंबई में आयोजित होने वाले 'इंडिया केम 2026' में रासायनिक और पेट्रोकेमिकल क्षेत्रों में अपनी निवेश क्षमता का प्रदर्शन करेगा। राज्य का उद्देश्य नए निवेश आकर्षित करना और एक उभरते औद्योगिक गंतव्य के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी अपने दो दिवसीय मुंबई दौरे के दौरान उद्घाटन सत्र और सीईओ गोलमेज सम्मेलन में भाग लेंगे, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय रसायन, उर्वरक और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा करेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य नए निवेश आकर्षित करना और रासायनिक और पेट्रोकेमिकल क्षेत्रों में एक उभरते औद्योगिक गंतव्य के रूप में ओडिशा की स्थिति को मजबूत करना है।
राज्य की भागीदारी से उसकी औद्योगिक ताकत, निवेश के लिए तैयार बुनियादी ढांचा, प्रगतिशील नीतियां और रासायनिक एवं पेट्रोकेमिकल विनिर्माण के बढ़ते पारिस्थितिकी तंत्र को उजागर किया जा सकेगा। यह कार्यक्रम ओडिशा को उद्योग जगत के नेताओं से सीधे जुड़ने, नए निवेश के अवसर प्रस्तुत करने और औद्योगिक विकास के अगले चरण के लिए साझेदारी तलाशने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।
इस दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री का रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योगों के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ व्यक्तिगत बैठकें करने का कार्यक्रम है, जिसमें 20 से अधिक प्रमुख कंपनियों के साथ चर्चा की योजना है। इन वार्ताओं का मुख्य केंद्र संभावित निवेश, औद्योगिक विस्तार, डाउनस्ट्रीम विनिर्माण और ओडिशा में नए औद्योगिक उद्यम स्थापित करने के अवसर होंगे।
राज्य की भागीदारी का एक प्रमुख आकर्षण कोयला गैसीकरण परियोजना पर प्रस्तुति होगी, जो ओडिशा के लिए औद्योगिक अवसरों का एक उभरता हुआ क्षेत्र है। राज्य औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने, मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने और रसायन, पेट्रोकेमिकल, प्लास्टिक और पैकेजिंग क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के प्रयासों के तहत एक समर्पित, बड़े पैमाने पर रासायनिक औद्योगिक पार्क की स्थापना की घोषणा भी कर सकता है।
ओडिशा, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु के साथ भाग लेगा, जो भारत के रसायन और पेट्रोकेमिकल विनिर्माण परिदृश्य को आकार देने में राज्यों के बढ़ते महत्व को दर्शाता है। यह आयोजन ओडिशा को अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उद्योग हितधारकों के साथ जुड़ाव को मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा।
जहां महाराष्ट्र, गुजरात और अन्य राज्यों ने दशकों से प्रमुख रासायनिक और पेट्रोकेमिकल केंद्रों के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है, वहीं ओडिशा अपने समृद्ध संसाधन आधार, औद्योगिक बुनियादी ढांचे और सहायक नीतिगत ढांचे का लाभ उठाते हुए रासायनिक और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में एक अग्रणी निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है। खनन और धातु विज्ञान में राज्य की स्थापित ताकतें अनुगामी रासायनिक और पेट्रोकेमिकल उद्योगों में विस्तार के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती हैं, जिससे मूल्यवर्धन को बढ़ावा मिलता है और उच्च मूल्य वाले विनिर्माण में निवेश आकर्षित होता है।
ओडिशा के औद्योगिक आधार में विविधता लाने, विनिर्माण मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करने और प्लास्टिक, पैकेजिंग और अन्य अनुगामी उत्पादों सहित संबद्ध क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के प्रयासों के तहत, रसायन और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र ओडिशा के लिए एक प्राथमिकता वाला क्षेत्र है। प्रस्तावित औद्योगिक पार्क से औद्योगिक इकाइयों, सहायक व्यवसायों और एकीकृत विनिर्माण गतिविधियों के लिए अनुकूल वातावरण बनाकर इस महत्वाकांक्षा को पूरा करने की उम्मीद है।
पिछले दो वर्षों में, ओडिशा ने निवेश आकर्षित करने, परियोजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने और रोजगार के अवसर सृजित करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, एक उभरते औद्योगिक गंतव्य के रूप में अपनी स्थिति को लगातार मजबूत किया है। रसायन और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में, राज्य ने 56 कंपनियों को आकर्षित किया है, जिनमें 1,93,087.94 करोड़ रुपए का प्रस्तावित निवेश और 1,12,324 लोगों के रोजगार की संभावना है।
औद्योगिक विकास प्रयासों के तहत, इस क्षेत्र में 27 परियोजनाओं को शुरू या कार्यान्वित किया जा चुका है, जिनमें 60,825.34 करोड़ रुपए का निवेश और 35,351 लोगों के रोजगार की संभावना है। ये घटनाक्रम निवेश संबंधी प्रतिबद्धताओं को औद्योगिक गतिविधियों में परिवर्तित करने, विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने और रोजगार के अवसरों का विस्तार करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
ओडिशा की इंडिया केम 2026 में भागीदारी के बारे में बात करते हुए ओडिशा सरकार के उद्योग, गृह और सूचना एवं जनसंपर्क विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा ने कहा कि ओडिशा की औद्योगिक नींव मजबूत है और अब हम रसायन और पेट्रोकेमिकल जैसे उच्च क्षमता वाले क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इंडिया केम 2026 में हमारी भागीदारी अग्रणी कंपनियों के साथ सीधे जुड़ने, राज्य के निवेश अवसरों को प्रस्तुत करने और भविष्य के विकास के लिए साझेदारी तलाशने का अवसर प्रदान करेगी। अपने औद्योगिक बुनियादी ढांचे, प्रगतिशील नीतियों और संसाधन लाभों के साथ, हम रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योगों के लिए एक प्रतिस्पर्धी पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। प्रस्तावित समर्पित विशाल रासायनिक औद्योगिक पार्क और कोयला गैसीकरण पर हमारा ध्यान इस प्रयास को और मजबूत करेगा तथा निवेश, मूल्यवर्धन और रोजगार सृजन के नए रास्ते खोलेगा।
--आईएएनएस
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