Samachar Nama
×

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुजरात के 28 जिलों में श्रमिक अन्नपूर्णा के 101 नए केंद्रों का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुजरात के 28 जिलों में श्रमिक अन्नपूर्णा के 101 नए केंद्रों का किया लोकार्पण
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुजरात के 28 जिलों में श्रमिक अन्नपूर्णा के 101 नए केंद्रों का किया लोकार्पण

अहमदाबाद, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को श्रमिक अन्नपूर्णा योजना के तहत राज्य के 28 जिलों में 101 नए भोजन वितरण केंद्रों का लोकार्पण किया। यह शुरुआत 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत अहमदाबाद के चाणक्यपुरी और घाटलोडिया क्षेत्र से की गई।

इन नए केंद्रों के जुड़ने से इस योजना के तहत काम करने वाले कुल केंद्रों की संख्या बढ़कर 372 हो गई है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने श्रमिक अन्नपूर्णा के 101 केंद्रों का एक साथ लोकार्पण करने के बाद अहमदाबाद में एक केंद्र पर स्वयं खाना परोसा। भोजन के लिए श्रमिकों की कतार लगी थी। बारी-बारी से मुख्यमंत्री ने सभी को खाना परोसा।

राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि अब सिर्फ कड़िया नाका ही नहीं, बल्कि निर्माण स्थल पर भी श्रमिकों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार बाय गाहेड और क्रेडाई के साथ मिलकर निर्माण स्थलों तक फूड डिलिवरी की योजना बनाएगी। गुजरात सरकार के सचिव लोचन शहेर ने बताया कि भविष्य में योजना का विस्तार किया जाएगा।

राज्य सरकार के श्रम, कौशल विकास और रोजगार विभाग की ओर से चलाई जा रही इस योजना का उद्देश्य निर्माण श्रमिकों को किफायती दाम पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना और उनके दैनिक भोजन खर्च को कम करना है। सरकार इस पहल के तहत निर्माण श्रमिकों को 5 रुपए में पका हुआ भोजन उपलब्ध कराती है।

इस योजना के तहत परोसे जाने वाले भोजन में रोटी, सब्जी, दाल, चावल, अचार, मिर्च और गुड़ शामिल होते हैं। इसके अलावा, सप्ताह में एक बार 'सुखड़ी' और 'शीरा' जैसी मिठाइयां भी दी जाती हैं। विभाग के अनुसार, अब तक इस योजना के माध्यम से पांच करोड़ से अधिक बार भोजन परोसा जा चुका है।

101 नए केंद्र खुलने से रोजाना भोजन वितरण में 10,000 की वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे कुल संख्या प्रतिदिन लगभग 45,000 भोजन तक पहुंच जाएगी। इस योजना के तहत उन निर्माण स्थलों पर सीधे भोजन पहुंचाने की सुविधा भी है, जहां 50 से अधिक श्रमिक इस सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं।

--आईएएनएस

डीसीएस/

Share this story