मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नागालैंड कांग्रेस का प्रदर्शन, इस्तीफे और जांच की मांग
कोहिमा, 26 सितंबर (आईएएनएस)। नागालैंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एनपीसीसी) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कोहिमा में प्रदर्शन कर उनके इस्तीफे या उन्हें पद से हटाने की मांग की है। कांग्रेस ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े विवाद और इस दौरान लिए गए फैसलों की स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग उठाई है।
एनपीसीसी की ओर से 26 सितंबर को जारी प्रेस बयान के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा सांसद एस. सुपोंगमेरेन जमीर के नेतृत्व में 25 सितंबर को कोहिमा स्थित चुनाव सचिवालय के बाहर यह प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ किए गए देशव्यापी विरोध के आह्वान के तहत आयोजित किया गया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए एस. सुपोंगमेरेन जमीर ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूचियों के एसआईआर को लेकर चल रहे विवाद पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि वोट देने का अधिकार प्रत्येक भारतीय नागरिक के सबसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक अधिकारों में से एक है। चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली किसी भी संस्था को इस तरह काम नहीं करना चाहिए, जिससे उसकी स्वतंत्रता, पारदर्शिता या निष्पक्षता को लेकर लोगों के मन में संदेह पैदा हो।
एनपीसीसी ने मतदाता सूचियों में संशोधन से जुड़े निर्णयों पर चुनाव आयोग के भीतर कथित आपत्तियों से संबंधित रिपोर्ट्स को लेकर भी सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि इस तरह के गंभीर सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और इनके बारे में देश की जनता के सामने पारदर्शी तरीके से स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
जमीर ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसे बिना किसी दबाव या पक्षपात के संविधान के अनुसार स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनावी व्यवस्था पर नागरिकों का भरोसा लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है। अगर इस प्रक्रिया में लोगों का विश्वास कमजोर होता है तो इसका सीधा असर लोकतांत्रिक व्यवस्था पर पड़ता है।
कांग्रेस के देशव्यापी आह्वान का समर्थन करते हुए एनपीसीसी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या उन्हें पद से हटाने की मांग की।
पार्टी ने मतदाता सूचियों से जुड़े फैसलों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र जांच और जांच के निष्कर्षों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस ने संबंधित मतदाता सूची परिवर्तनों की व्यापक और स्वतंत्र समीक्षा कराए जाने की मांग भी की है।
एनपीसीसी ने कहा कि नागरिकों के मतदान अधिकारों को प्रभावित करने से जुड़े कांग्रेस के आरोपों की कानून के अनुसार जांच की जानी चाहिए। अगर जांच में कोई व्यक्ति जिम्मेदार पाया जाता है तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
जमीर ने कहा कि वोट जनता का है और किसी व्यक्ति, प्राधिकरण या संस्था को जनता के जनादेश को कमजोर करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान, लोकतंत्र और प्रत्येक नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी।
एनपीसीसी ने कहा कि वह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। जब भी लोगों के संवैधानिक या चुनावी अधिकारों पर सवाल खड़े होंगे, पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।
--आईएएनएस
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