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चुनाव से पहले यूपी में सक्रिय हुए मुकेश सहनी, निषाद आरक्षण को लेकर 11 अप्रैल को लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन

चुनाव से पहले यूपी में सियासी हलचल तेज: निषाद आरक्षण को लेकर 11 अप्रैल को लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन करेंगे मुकेश सहनी

आगामी चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। निषाद समाज के आरक्षण की मांग को लेकर राजनीतिक गतिविधियां एक बार फिर तेज होती दिखाई दे रही हैं। इसी क्रम में विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख और निषाद समाज के बड़े नेता Mukesh Sahani ने बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है।

सूत्रों के अनुसार, मुकेश सहनी 11 अप्रैल को राजधानी Lucknow में एक विशाल शक्ति प्रदर्शन करने जा रहे हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य निषाद समाज को आरक्षण दिलाने की मांग को मजबूती से उठाना और केंद्र व राज्य सरकारों पर दबाव बनाना बताया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, यह रैली और शक्ति प्रदर्शन पूरी तरह से सामाजिक न्याय के मुद्दे पर केंद्रित रहेगा। कार्यक्रम में निषाद, मल्लाह और अन्य पिछड़े वर्गों से जुड़े बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी का दावा है कि यह आयोजन अब तक का सबसे बड़ा जनसमर्थन प्रदर्शन हो सकता है।

मुकेश सहनी लंबे समय से निषाद आरक्षण की मांग को लेकर सक्रिय हैं और लगातार इसे राजनीतिक एजेंडे में प्रमुख स्थान दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। यूपी में इस कार्यक्रम को आगामी चुनावी रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है, जहां विभिन्न राजनीतिक दल पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों को साधने में जुटे हुए हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लखनऊ में होने वाला यह शक्ति प्रदर्शन केवल सामाजिक मांग नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी होगा। इससे निषाद समाज के वोट बैंक को एकजुट करने की कोशिश की जाएगी, जिसका असर आगामी चुनावों में देखने को मिल सकता है।

कार्यक्रम को लेकर प्रशासन भी सतर्क हो गया है। लखनऊ पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। संभावना है कि कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाएगा ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।

दूसरी ओर, राजनीतिक हलकों में इस कार्यक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी और सत्ताधारी दोनों ही खेमों की नजर इस शक्ति प्रदर्शन पर बनी हुई है, क्योंकि इसे आगामी चुनावी समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।

मुकेश सहनी ने पहले भी कई बार स्पष्ट किया है कि निषाद समाज को उनका संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए और इसके लिए वह सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष जारी रखेंगे। अब लखनऊ में होने वाला यह बड़ा आयोजन उनकी इसी मुहिम का अगला चरण माना जा रहा है।

फिलहाल 11 अप्रैल को होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर हैं और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि यह शक्ति प्रदर्शन कितना प्रभाव डाल पाएगा।

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