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मुझे उम्मीद नहीं थी कि मिंटू के किरदार के इतने अलग पहलू देखने को मिलेंगे : अंजुम बत्रा

मुंबई, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकप्रिय कोर्ट ड्रामा सीरीज 'मामला लीगल है-2' में मिंटू का किरदार निभाने वाले अभिनेता अंजुम बत्रा ने आईएएनएस के साथ खास बातचीत में अपने किरदार को लेकर जानकारी दी।
मुझे उम्मीद नहीं थी कि मिंटू के किरदार के इतने अलग पहलू देखने को मिलेंगे : अंजुम बत्रा

मुंबई, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकप्रिय कोर्ट ड्रामा सीरीज 'मामला लीगल है-2' में मिंटू का किरदार निभाने वाले अभिनेता अंजुम बत्रा ने आईएएनएस के साथ खास बातचीत में अपने किरदार को लेकर जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मिंटू ज्यादातर वीडी त्यागी की परछाई जैसा था। वह एक वफादार दोस्त है, जो अपने लोगों के साथ हमेशा खड़ा रहता था और दोस्ती को बहुत ही खूबसूरती से निभाता था। उससे सीखने के लिए बहुत कुछ है। पहले सीजन में मिंटू का किरदार मुख्य रूप से कॉमेडी तक सीमित था, लेकिन सीजन-2 में इस किरदार को काफी गहराई दी गई। मुझे खुद उम्मीद नहीं थी कि मिंटू के इतने अलग-अलग पहलू दिखाए जाएंगे। इस बार उसके साथ एक लव ट्रैक है, जिम्मेदारी का गहरा एहसास और सुजाता के साथ चैंबर में हल्की-फुल्की नोक-झोंक भी है।

अभिनेता ने निर्देशक राहुल पांडे की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने कहानी में बहुत अच्छी गहराई जोड़ी। लेखकों ने शो को दिलचस्प बनाया है। निर्देशक राहुल पांडे ने इसे शानदार तरीके से पेश किया।

अभिनेता ने अपने किरदार और असल जिंदगी के बीच फर्क पर भी बातचीत की। उन्होंने कहा, "जब कोई एक्टर किसी किरदार को निभाता है, तो उसकी अपने व्यक्तित्व का कुछ हिस्सा किरदार में आ ही जाता है। इसलिए मिंटू में मेरी थोड़ी-बहुत समानताएं जरूर हैं, लेकिन कुल मिलाकर हम दोनों काफी अलग इंसान हैं।"

शूटिंग के अनुभव को याद करते हुए अंजुम बत्रा ने बताया कि सेट पर हर समय हंसी-मजाक का माहौल रहता था। कैमरे के पीछे की कॉमेडी स्क्रीन पर दिखने वाली कॉमेडी से कहीं ज्यादा मजेदार होती है। रवि किशन के साथ काम करना बहुत सुखद अनुभव था। उनकी कॉमिक टाइमिंग जबरदस्त है। बाकी को-एक्टर्स भी पूरे दिन माहौल को जोश भरा और जिंदादिल बनाए रखते थे।

अभिनेता ने सीरीज में कॉमेडी और गंभीरता के बीच संतुलन पर लेखक और निर्देशक की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, "लेखकों ने कहानी को समझदारी से लिखा है, जहां समाज को सार्थक संदेश देना था, वहां उन्हें असरदार तरीके से पेश किया, लेकिन कॉमेडी का अंदाज भी कहीं नहीं खोया। डायरेक्टर ने यह सुनिश्चित किया कि स्क्रीन पर यह बैलेंस अच्छे से दिखे। यह एक बेहतरीन मेल है। जरूरत पड़ने पर गंभीर और जरूरत पड़ने पर मजेदार।"

--आईएएनएस

एनएस/एबीएम

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