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खिलाड़ियों को अपने प्रयासों पर बहुत गर्व होना चाहिए, श्रेयस ने शानदार काम किया: गौतम गंभीर

खिलाड़ियों को अपने प्रयासों पर बहुत गर्व होना चाहिए, श्रेयस ने शानदार काम किया: गौतम गंभीर
खिलाड़ियों को अपने प्रयासों पर बहुत गर्व होना चाहिए, श्रेयस ने शानदार काम किया: गौतम गंभीर

हैमिल्टन, 1 नवंबर (आईएएनएस)। भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज 3-2 से जीतने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर और पूरी टीम की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन पर गर्व होना चाहिए।

भारत ने शुरुआती तीन मैचों के बाद 3-0 की अजेय बढ़त बना ली थी। हालांकि अगले दो मैचों में टीम को हार का सामना करना पड़ा। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद से भारत को बहुत कम मौकों पर ही अपनी पहली पसंद वाली गेंदबाजी लाइनअप के साथ खेलने का मौका मिला है। ऐसा इस वजह से है क्योंकि अब वनडे वर्ल्ड कप और डब्ल्यूटीसी चैंपियनशिप फाइनल पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।

न्यूजीलैंड सीरीज में जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या, हर्षित राणा और वॉशिंगटन सुंदर के न होने से भारत की गेंदबाजी कमजोर थी। इसके बावजूद भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और सीरीज अपने नाम की। पांचवें टी20 में मिली 7 विकेट से हार के बाद कोच गंभीर ने टीम को जीत तक पहुंचाने के लिए श्रेयस की तारीफ की।

गंभीर ने रविवार को मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "देखिए, जब श्रेयस ने कप्तानी संभाली तो उन्हें एक बहुत ही सफल टीम मिली थी। एक ऐसी टीम जिसने टी20 वर्ल्ड कप जीता था और पिछले दो वर्षों में कोई टी20 सीरीज नहीं हारी थी। वर्ल्ड कप के बाद हमारे सामने काफी मजबूत टीमें थीं। सबसे अहम बात यह है कि हमने कई नए खिलाड़ियों को भी मौका दिया। हमारे पास अनुभव की काफी कमी थी, खासकर जब आप इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसी जगहों पर खेलने जाते हैं।"

भारतीय हेड कोच ने कहा, "हालांकि यह एक बेहतरीन मौका भी है। अगर आप अगले वर्ल्ड कप के लिए टीम तैयार करने के बारे में सोच रहे हैं, तो आपको युवा खिलाड़ियों को मौका देना होगा और उन्हें लगातार खेलते हुए तैयार करना होगा। वर्ल्ड कप के दौरान और उसके बाद हमारी गेंदबाजी लाइनअप में जो अनुभव था, उसे देखते हुए यह हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है।"

उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कि श्रेयस ने बहुत ही शानदार काम किया है, खासकर तब जब उनके पास गेंदबाजी लाइनअप में अनुभव की इतनी कमी थी। एक कप्तान के तौर पर आपकी सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि आपके गेंदबाज और बल्लेबाज कैसा प्रदर्शन करते हैं। एक अनुभवहीन गेंदबाजी आक्रमण के साथ मुझे लगता है कि उन्होंने बेहतरीन काम किया है।"

गंभीर ने टीम की भी खूब तारीफ की, क्योंकि भारत से आने के बाद उन्हें तैयारी के लिए बहुत कम समय मिला था। भारत में उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली थी, जो 17 अक्टूबर को खत्म हुई थी। इसके बाद 22 अक्टूबर को वह न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में मैदान पर उतर गए, जबकि उन्हें इस सीरीज की तैयारी के लिए लगभग कोई समय नहीं मिला था।

उन्होंने कहा, "यह एक अविश्वसनीय प्रयास है, क्योंकि खिलाड़ियों को तैयारी के लिए सिर्फ एक दिन मिला था। वह 20 तारीख को पहुंचे और 21 तारीख को हमने प्रैक्टिस की। हालात अलग थे, मौसम अलग था, मैदान का आकार अलग था। न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ, उनके ही घर में खेलना—खासकर तब जब उनके पास टी20 क्रिकेट का काफी अनुभव है और हमारे ज्यादातर खिलाड़ी पहली बार न्यूजीलैंड का दौरा कर रहे थे। इसी कारण मुझे लगता है कि खिलाड़ियों को अपने प्रयासों पर बहुत गर्व होना चाहिए, खासकर तब जब उन्हें तैयारी के लिए न के बराबर समय मिला हो।"

गंभीर ने टीम की आक्रामक बल्लेबाजी शैली की भी तारीफ की, जिसने उन्हें इस फॉर्मेट में एक ट्रेंडसेटर बना दिया। गंभीर ने कहा, "भारत में हम सिर्फ नतीजों पर ध्यान देते हैं, बाकी चीजों को नहीं देखते। देखिए, मेरा काम खिलाड़ियों को बेहतरीन तरीके से तैयार करना है। मैं उनके साथ क्या जानकारी साझा कर सकता हूं? क्योंकि मैं खुद इन परिस्थितियों में खेल चुका हूं, मैंने न्यूजीलैंड में भी क्रिकेट खेला है।"

"इसी वजह से मेरे लिए यह जरूरी था कि मैं अपनी सारी जानकारी उनके साथ साझा करूं, उन्हें मानसिक रूप से मजबूत रखूं और उन्हें प्रेरित करूं कि वह पूरी तरह से आक्रामक होकर खेलें। पिछले ढाई वर्षों से हम इसी तरह का क्रिकेट खेल रहे हैं—जहां जोखिम ज्यादा है, लेकिन इनाम भी उतना ही बड़ा मिलता है।कभी-कभी हम मैच हारेंगे, कभी-कभी हम एकतरफा मैच भी हारेंगे। आगे भी हम हारेंगे, लेकिन हमारी विचारधारा और हमारा दर्शन नहीं बदलेगा। इसका कारण यह है कि पिछले दो वर्षों में हमें जो सफलता मिली है, वह इसी विचारधारा की वजह से मिली है।"

भारतीय कोच ने कहा, "हम इसे स्वीकार करेंगे। कभी आप 100 रनों से मैच हार सकते हैं, तो कभी आप 10 ओवर में 150 रनों का लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। हम इसी तरह का, इसी अंदाज क्रिकेट खेलना चाहते हैं, चाहे हम इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया या भारत में खेल रहे हों।"

--आईएएनएस

एसएम/वीसी

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