मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग देने की पहल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने की समीक्षा
नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुधवार को उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को नि:शुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की पहल के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। बैठक में देशभर के विद्यार्थियों के लिए एक मजबूत राष्ट्रीय ऑनलाइन मंच तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।
इस मंच के माध्यम से विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली अध्ययन सामग्री, विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन और व्यवस्थित तरीके से परीक्षा की तैयारी की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की बात कही थी। दरअसल, महंगी कोचिंग कक्षाओं का खर्च गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर भारी पड़ता है। ऐसे में सरकार डिजिटल सार्वजनिक ढांचे और देश के प्रतिभाशाली शिक्षकों को एक मंच पर लाकर युवाओं को मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी।
सरकार की इस पहल का प्रमुख उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आर्थिक असमानता को कम करना और देश के हर हिस्से के विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराना है। फिलहाल, अनेक विद्यार्थी महंगी निजी कोचिंग के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कठिनाई महसूस करते हैं। नई व्यवस्था के जरिए ऐसे विद्यार्थियों को घर बैठे गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
शिक्षा मंत्री की बैठक में इस बात पर भी ध्यान केंद्रित किया गया कि प्रस्तावित राष्ट्रीय मंच केवल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने तक सीमित न रहे, बल्कि विद्यार्थियों को व्यवस्थित अध्ययन योजना, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और परीक्षा-केंद्रित तैयारी की सुविधा भी दे। प्रधानमंत्री ने अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में कहा था कि देश के पास डिजिटल सार्वजनिक ढांचा और उत्कृष्ट प्रतिभाशाली शिक्षक मौजूद हैं। इन संसाधनों को एक साथ जोड़कर युवाओं के लिए मुफ्त कोचिंग का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जा सकता है।
सरकार की यह पहल डिजिटल माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। शिक्षा मंत्रालय पहले से ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन शिक्षा के विभिन्न माध्यमों का उपयोग करता रहा है। मंत्रालय के डिजिटल शिक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों में आईआईटी प्रोफेसरों द्वारा तैयार व्याख्यानों के माध्यम से आईआईटी-जेईई जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराने का भी उल्लेख है।
शिक्षा मंत्रालय की इस पहल के तहत कोशिश होगी कि महानगरों और बड़े शहरों में उपलब्ध कोचिंग सुविधाओं से वंचित विद्यार्थियों को भी उसी स्तर की अध्ययन सामग्री और विशेषज्ञ सहायता मिल सके। इससे छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है। सरकार का जोर ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर है, जिसमें विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण सामग्री, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और परीक्षा की योजनाबद्ध तैयारी एक ही राष्ट्रीय मंच के माध्यम से हासिल कर सकें।
प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद शिक्षा मंत्रालय ने इस दिशा में क्रियान्वयन की प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया है और शिक्षा मंत्री द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की गई समीक्षा बैठक को इसी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
--आईएएनएस
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