राजा रघुवंशी के परिवार में शिशु के जन्म के बाद खुशियों की लहर, मां बोलीं- घर लौट आया है मेरा बेटा
इंदौर, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। राजा रघुवंशी की असामयिक मृत्यु के बाद उनका परिवार गहरे शोक में डूबा था, लेकिन मंगलवार को आई एक खबर ने परिजनों के जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया है। राजा के भाई, सचिन रघुवंशी के घर पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है, जिससे परिवार में एक बार फिर खुशियों ने दस्तक दी है।
परिजनों के लिए यह केवल एक शिशु का जन्म नहीं, बल्कि वे इसे राजा के 'पुनर्जन्म' के रूप में देख रहे हैं। परिवार का मानना है कि नवजात की कुंडली और चेहरे के निशान हूबहू राजा से मिलते हैं। इसी विश्वास के चलते पूरा परिवार भावुक है और इसे राजा की घर वापसी मान रहा है। राजा की माता के अनुसार, यह अनुभव उनके लिए अद्भुत है।
राजा की मां उमा रघुवंशी ने बताया, "हम पूरी तरह से मान चुके हैं कि राजा हमारे घर लौट आया है। बच्चे के चेहरे और निशानों को देखकर यही लगता है कि राजा अब हमारे बीच है। उस समय कामाख्या माता मंदिर के पुजारी ने हमें फोन कर बताया था कि आपके बेटे की आत्मा लौटकर आपके घर आना चाहती है और आज यह सिद्ध हो गया है।"
उमा रघुवंशी ने आगे कहा कि बच्चे का नाम राजबीर रखा गया है। उन्होंने बताया कि जब बच्चा जन्मा और उन्होंने पहली बार उसे गोद में लिया, तो वे उन्हें लगातार देखता रहा। उनका कहना है कि बच्चे की आंखों में राजा की झलक दिखती है और उसके चेहरे के भाव, उसकी मुस्कान, सब कुछ राजा जैसा है। उन्होंने बताया कि उन्हें महसूस हुआ कि राजा अब सचमुच अपने परिवार के पास लौट आया है और घर में जो कमी पहले थी, वह अब पूरी हो गई है।
राजा की मां का कहना है कि यह केवल बाहरी रूप से नहीं, बल्कि बच्चे का व्यक्तित्व और कुंडली भी राजा से मेल खाती है। उन्होंने बताया कि बच्चे के जन्म की खबर जैसे ही फैली, सभी रिश्तेदार और लोग उसे देखने के लिए आए और उन्होंने महसूस किया कि इस बच्चे में राजा की आत्मा स्पष्ट रूप से झलक रही है।
उमा रघुवंशी ने यह भी बताया कि जन्म के समय घर में बहुत खुशी का माहौल है और पूरे परिवार को लग रहा है कि राजा लौट आया है। परिवार के लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं और बच्चे के जन्म को भगवान की कृपा के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि घर में पहले जो दुख और खालीपन था, वह अब पूरी तरह दूर हो गया है।
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