एमपीएससी छात्रों के आंदोलन की आड़ में विपक्ष अपना करियर चमका रहा है : मनीषा कायंदे
मुंबई, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में एमपीएससी परीक्षाओं के बार-बार रद्द होने और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। पुणे में एमपीएससी अभ्यर्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसे विपक्षी दलों का भी समर्थन मिल रहा है। इस बीच, शिवसेना एमएलसी मनीषा कायंदे ने विपक्ष पर छात्रों की आड़ में अपना राजनीतिक करियर चमकाने का आरोप लगाया है।
मनीषा कायंदे ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "सरकार पूरी तरह कोशिश कर रही है कि छात्रों को उनका हक मिले। उनके सामने किसी तरह की बाधा नहीं आए। छात्रों के करियर को लेकर सरकार बहुत ज्यादा गंभीर है। एमपीएससी की जो गाइडलाइन है कि एमपीएससी किस प्रकार से चलती है। इन सभी चीजों का पता होने के बावजूद विपक्षी दल के नेता अपने करियर को खड़ा करना चाह रहे हैं। ऐसे लोग जिनका करियर डूब गया है, वे बच्चों की आड़ में अपना करियर बना रहे हैं।"
वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा बेंगलुरु में मार्च निकालने और 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन की चेतावनी पर उन्होंने कहा, "उनके मुद्दे अलग हैं। वे चाहते हैं कि हिंदुस्तान में अराजकता हो, युवा अपने मुद्दे से भटक जाएं और वे किसी काम के नहीं रहें। वे सिर्फ आंदोलनजीवी बने। उनका मंशा ऐसी ही है।"
दूसरी ओर, इंडी गठबंधन के नेताओं को हिरासत में लिए जाने और कांग्रेस द्वारा इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए 'काला दिन' बताए जाने पर पलटवार किया गया। शिवसेना नेता ने कहा, "आए दिन आंदोलन करना। आंदोलन की जगह पर नहीं, बल्कि कहीं भी आंदोलन शुरू करना, संविधान की प्रति को हाथ में लेकर सड़क पर लेट जाना, ये सब सही नहीं है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी लोकसभा सदस्य हैं, लेकिन उन्हें अपने पद की भी गरिमा नहीं है।"
एसआईआर के मुद्दे पर कपिल सिब्बल के बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "मैंने एसआईआर पर कपिल सिब्बल के स्टेटमेंट को सुना कि उन्होंने बताया कि एसआईआर कैसे जरूरी है। सिब्बल 2024 में उन्हीं वोटर्स के आधार पर जीते हैं, ऐसे में क्या वे अपने पद से इस्तीफा देंगे। वे 2029 तक इस मुद्दे को चलाना चाहते हैं। कहीं न कहीं पश्चिम बंगाल जब से उनके हाथ से फिसला है, वे बौखला गए हैं।"
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर पर शिवसेना नेता ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "नाना पाटेकर एक बेहतरीन अभिनेता थे। आज सुबह जब मैंने यह खबर सुनी तो मुझे सचमुच बहुत हैरानी हुई। वे बहुत ही बहुमुखी प्रतिभा वाले अभिनेता थे, जिन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ मराठी सिनेमा और थिएटर में भी अपना नाम बनाया। वे एक संवेदनशील और सामाजिक रूप से समर्पित व्यक्ति भी थे, जिसे उन्होंने 'नाम फाउंडेशन' के साथ अपने काम के जरिए साबित किया। एकनाथ शिंदे के साथ उनका रिश्ता बहुत अच्छा था। शिंदे उन्हें अपना बड़ा भाई मानते थे।"
--आईएएनएस
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