एमपीएलएडी फंड पर वायरल डाटा को लेकर एनएचआरसी सक्रिय, प्रियंक कानूनगो बोले-सत्यापित तथ्यों पर होगी कार्रवाई
नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने रविवार को अमेठी से सांसद किशोरी लाल शर्मा द्वारा खर्च किए गए एमपीएलएडी फंड को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जानकारी पर प्रतिक्रिया दी।
प्रियंक कानूनगो ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "हमें यह जानकारी मिली है कि कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा द्वारा एमपीएलएडी फंड के खर्च से संबंधित डाटा शेयर किया है। एमपीएलएडी योजना भारत सरकार द्वारा हर सांसद को अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्य करने के लिए दी जाती है। खर्च की सभी जानकारी एक केंद्रीकृत सार्वजनिक वेबसाइट पर उपलब्ध होती है। हम इस मामले की जांच कर रहे हैं और सत्यापित तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई करेंगे।"
एनएचआरसी सदस्य ने बिहार से पटना-पुणे एक्सप्रेस ट्रेन में बच्चों की कथित तस्करी की घटना पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने बताया, "शनिवार को हमें यह सूचना मिली कि बिहार से 100 से अधिक बच्चों को पटना-पुणे एक्सप्रेस ट्रेन के माध्यम से दूसरे राज्य ले जाया जा रहा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्चों को मदरसों में शिक्षा दिलाने के बहाने तस्करी किए जाने का शक है। एनएचआरसी इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और संबंधित राज्यों के साथ समन्वय कर जांच कर रहा है। बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"
प्रियंक कानूनगो ने 2025 कुंभ मेले के दौरान वायरल हुई आदिवासी लड़की मोनालिसा भोसले की शादी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "कुंभ मेला 2025 के दौरान एक हिंदू आदिवासी लड़की मोनालिसा भोसले सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हुई थी। वह अपने माता-पिता के साथ कुंभ में मौजूद थी। मशहूर होने के कुछ दिनों बाद यह खबर सामने आई कि केरल के एक मुस्लिम व्यक्ति से उसकी शादी हो गई है। यह भी दावा किया जा रहा है कि केरल सरकार के एक मंत्री सहित कई नेता इस शादी समारोह में शामिल थे।"
एनएचआरसी सदस्य ने कहा कि आयोग इस पूरे मामले की भी निगरानी कर रहा है और यह सुनिश्चित करेगा कि लड़की की मर्जी, सुरक्षा और अधिकारों का पूरी तरह सम्मान किया जाए।
प्रियंक कानूनगो ने जोर देकर कहा कि एनएचआरसी किसी भी तरह की तस्करी, बच्चों के शोषण और धार्मिक रूपांतरण के संदिग्ध मामलों पर सख्ती से कार्रवाई करेगा और प्रभावित व्यक्तियों के मानव अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।
--आईएएनएस
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