एमपी लीड फेलोशिप के प्रतिभागियों से मिले उपराष्ट्रपति, बोले-बड़े सपने देखें, राष्ट्र निर्माण में दें योगदान
नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। राज्यसभा सदस्य डॉ अजीत माधवराव गोपचाडे द्वारा शुरू किए गए दो महीने के इंटर्नशिप प्रोग्राम 'एमपी लीड फेलोशिप' के प्रतिभागियों से गुरुवार को उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने बातचीत की। इस दौरान उन्होंने युवाओं से देश सेवा के प्रति समर्पित और नैतिक मूल्यों वाले नेता बनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नेतृत्व को अधिकार से नहीं, बल्कि विनम्रता, ईमानदारी और करुणा के साथ समाज की सेवा करने की क्षमता से मापा जाता है।
भारत की सभ्यतागत एकता पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, "भारत एक था, भारत एक है और भारत हमेशा एक रहेगा।" उन्होंने फेलो से क्षेत्र, भाषा और जाति से ऊपर उठने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि हिमालय से लेकर कन्याकुमारी तक भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत ने हमेशा देश को एकजुट रखा है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
1960 के दशक में अनाज की कमी से लेकर दुनिया के सबसे बड़े अनाज निर्यातक देशों में से एक बनने तक भारत के बदलाव को याद करते हुए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि युवाओं को पिछली पीढ़ियों द्वारा झेली गई कठिनाइयों को समझना चाहिए और देश की विकास यात्रा से प्रेरणा लेनी चाहिए।
फेलोशिप को करियर की शुरुआत के लिए एक आदर्श मंच बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ये कार्यक्रम युवाओं को क्लासरूम से बाहर की दुनिया से परिचित कराते हैं, आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और राष्ट्रीय नेताओं के साथ बातचीत करने के अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि अवसरों के साथ-साथ योग्यता और निरंतर आत्म-सुधार भी जरूरी है। उन्होंने फेलो से उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने और राष्ट्र-निर्माण में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का आग्रह किया।
उपराष्ट्रपति ने युवाओं की क्षमता पर भरोसा जताते हुए कहा कि उनमें से कई लोग भविष्य में सार्वजनिक जीवन, प्रशासन और न्यायपालिका में जिम्मेदारी वाले पदों पर आसीन होंगे। उन्होंने कहा, "कौन जानता है, आपमें से कोई एक भारत के उपराष्ट्रपति के पद पर भी हो सकता है।" उन्होंने युवाओं को बड़े सपने देखने तथा पूरी निष्ठा के साथ देश की सेवा करने के लिए प्रोत्साहित किया।
उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने संवैधानिक मूल्यों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र तभी फलता-फूलता है, जब नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी पालन करते हैं। उन्होंने युवाओं से जिज्ञासा के साथ सीखने, निडर होकर नई पहल करने और व्यापक राष्ट्रीय हित के प्रति समर्पित रहने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि 'एमपी लीड फेलोशिप' भविष्य के ऐसे राष्ट्र-निर्माताओं को तैयार करेगी, जो विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देंगे।
राज्यसभा सदस्य डॉ. अजीत माधवराव गोपचाडे की पहल से शुरू की गई 'एमपी लीड फेलोशिप' दो महीने का एक इंटर्नशिप प्रोग्राम है, जो युवाओं को शासन-व्यवस्था, सार्वजनिक नीति और विधायी प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करता है। 5,000 से अधिक आवेदकों में से चुने गए 40 फेलो को बधाई देते हुए उपराष्ट्रपति ने बताया कि इनमें 62 प्रतिशत महिलाएं हैं और वे देश के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
--आईएएनएस
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