पुणे में कचरे का पहाड़ इमारत पर गिरा, 16 लोगों के दबे होने की आशंका; वीडियो में जाने सूरत में टूटा 85 साल का बारिश का रिकॉर्ड
: देश के कई राज्यों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। महाराष्ट्र से लेकर गुजरात और दिल्ली तक भारी बारिश के कारण हादसों और जलभराव की घटनाएं सामने आई हैं। महाराष्ट्र के पुणे में कचरे का विशाल ढेर एक इमारत पर गिरने से बड़ा हादसा हो गया, जबकि गुजरात के सूरत में 36 घंटे के भीतर रिकॉर्डतोड़ बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। वहीं, दिल्ली के रोहिणी इलाके में भी एक निर्माणाधीन इमारत ढहने की घटना सामने आई है।
पुणे में कचरे का पहाड़ गिरा, 16 लोगों के दबे होने की आशंका
महाराष्ट्र के पुणे में बुधवार को भारी बारिश के चलते कचरे का विशाल ढेर खिसककर एक तीन मंजिला इमारत पर जा गिरा। हादसे की चपेट में आने से कचरा प्रबंधन से जुड़ी इमारत भी पूरी तरह ढह गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मलबे में करीब 16 लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) समेत बचाव दल मौके पर पहुंच गए। जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम लगातार जारी है। प्रशासन ने लोगों से घटनास्थल के आसपास नहीं जाने की अपील की है।
खंडाला में लैंडस्लाइड, सिक्योरिटी गार्ड की मौत
महाराष्ट्र के खंडाला में भी भारी बारिश के कारण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हुआ। इस हादसे में एक सिक्योरिटी गार्ड की मौत हो गई, जबकि उसका एक साथी अब भी लापता बताया जा रहा है। राहत एवं बचाव दल लापता व्यक्ति की तलाश में जुटा हुआ है।
दिल्ली के रोहिणी में निर्माणाधीन इमारत ढही
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके में भी भारी बारिश के बीच एक निर्माणाधीन इमारत अचानक ढह गई। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच गए। फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के क्षेत्र को खाली कराया गया है।
सूरत में 36 घंटे में 19 इंच बारिश, टूटा 85 साल पुराना रिकॉर्ड
गुजरात का सूरत शहर भी लगातार बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पिछले 36 घंटों में यहां करीब 19 इंच बारिश दर्ज की गई, जिससे वर्ष 1941 का 85 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। इससे पहले जुलाई 1941 में शहर में लगभग 18 इंच बारिश दर्ज की गई थी।लगातार बारिश के कारण शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ का पानी एक बड़े शॉपिंग मॉल की पूरी मंजिल तक पहुंच गया, जिससे करोड़ों रुपये के सामान का नुकसान होने की आशंका है। सड़कें नदी में तब्दील हो गई हैं और कई कॉलोनियों में लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।
9 लोगों की मौत, 3400 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
सूरत और आसपास के इलाकों में बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें करंट लगने, पेड़ गिरने और बिजली गिरने जैसी घटनाएं शामिल हैं। प्रशासन ने राहत अभियान चलाते हुए करीब 3400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को भोजन, पीने के पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन राहत शिविरों के माध्यम से प्रभावित परिवारों तक जरूरी सामग्री पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

