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मां को बचाने में खुद को भी झोंक दिया: नोएडा बस एक्सीडेंट में मां-बेटे की जलकर मौत, दिल दहला देने वाली घटना

मां को बचाने में खुद को भी झोंक दिया: नोएडा बस एक्सीडेंट में मां-बेटे की जलकर मौत, दिल दहला देने वाली घटना

नोएडा में हुए भीषण बस अग्निकांड ने कई परिवारों को कभी न भूलने वाला दर्द दे दिया। हादसे में 9 लोगों की मौत की खबर है। मृतकों में महोबा के चरखारी निवासी बीजेपी जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता की पत्नी सुनीता गुप्ता और उनके बेटे शशांक गुप्ता भी शामिल हैं। शशांक इंडिगो एयरवेज में इंजीनियर के तौर पर काम करते थे।

मां-बेटे की मौत की कहानी सामने आने के बाद हर किसी की आंखें नम हैं। बताया जा रहा है कि सुनीता गुप्ता पिछले करीब एक महीने से दिल्ली में अपने बेटे के पास रहकर इलाज करा रही थीं। उन्हें पैर में काफी दर्द था और चलने-फिरने में परेशानी होती थी।

इसी बीच परिवार में एक और दुखद घटना हुई। नीरज गुप्ता के भाई धीरू गुप्ता को हार्ट अटैक आने के बाद शशांक अपनी मां को लेकर महोबा लौट रहे थे। दोनों राज कल्पना ट्रेवल्स की बस में सवार थे और बस की पिछली सीट पर बैठे हुए थे। लेकिन रास्ते में अचानक बस में आग लग गई।

आग लगते ही मची अफरा-तफरी

बस में आग और धुआं फैलते ही यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए बस से बाहर निकलने लगे। बताया जा रहा है कि शशांक के पास भी बाहर निकलने का मौका था, लेकिन उनकी मां चलने में सक्षम नहीं थीं।

परिजनों के मुताबिक, शशांक अपनी मां को अकेला छोड़कर बाहर नहीं निकले। कुछ यात्रियों ने उन्हें नीचे उतरने के लिए आवाज भी लगाई। यहां तक कि उनकी मां सुनीता ने भी बेटे से अपनी जान बचाने के लिए नीचे जाने को कहा, लेकिन शशांक मां को छोड़कर बस से बाहर नहीं निकले।

वह लगातार अपनी मां को बचाने की कोशिश करते रहे। इसी दौरान बस के अंदर धुआं इतना ज्यादा भर गया कि दोनों बेहोश हो गए और देखते ही देखते आग की लपटों की चपेट में आ गए। मां को बचाने की कोशिश में शशांक भी अपनी मां के साथ ही जिंदा जल गए।

शवों की पहचान के लिए कराया गया DNA टेस्ट

हादसा इतना भीषण था कि शव बुरी तरह जल गए थे। ऐसे में मृतकों की पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया। परिवार की ओर से बताए गए हुलिए और DNA जांच के आधार पर सुनीता गुप्ता और शशांक गुप्ता की पहचान की गई।

मां-बेटे की मौत की खबर जैसे ही महोबा और चरखारी पहुंची, इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के घर पर रिश्तेदारों, नेताओं और परिचितों का पहुंचना शुरू हो गया। पूर्व सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल समेत बीजेपी के कई नेता और कार्यकर्ता नीरज गुप्ता के आवास पर पहुंचे और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

परिजनों ने बस चालक और परिचालक पर लगाए गंभीर आरोप

परिजनों ने इस हादसे के लिए बस चालक और परिचालक की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि यात्रियों ने बस में जलने जैसी बदबू आने की शिकायत की थी, लेकिन इसके बावजूद बस को समय रहते नहीं रोका गया।

इस दर्दनाक हादसे ने एक परिवार से मां और बेटे दोनों को छीन लिया। शशांक के सामने अपनी जान बचाने और अपनी मां को बचाने के बीच जो परिस्थिति आई, उसमें उन्होंने अपनी मां का साथ नहीं छोड़ा। अब मां-बेटे की यह कहानी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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