Samachar Nama
×

बेंगलुरु में 3 Gen-Z कॉर्पोरेट लड़कियों का महीने का खर्च वायरल, बताया- ₹42,000 रेंट और 0 बिजली बिल

बेंगलुरु में 3 Gen-Z कॉर्पोरेट लड़कियों का महीने का खर्च वायरल, बताया- ₹42,000 रेंट और 0 बिजली बिल

Bengaluru में रहने वाली तीन Gen-Z कॉर्पोरेट वर्किंग लड़कियों का मासिक खर्च सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। इन युवतियों ने हाल ही में अपने रहने के खर्चों को लेकर एक बातचीत में जो जानकारी साझा की, वह इंटरनेट पर वायरल हो गई है और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

मामला तब सामने आया जब एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि तीनों लड़कियां शहर के एक प्राइम लोकेशन वाले फ्लैट में साथ रहती हैं, जिसका किराया लगभग ₹42,000 प्रति माह है। इसके अलावा सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई गई कि उनका बिजली बिल ₹0 आता है, जिसने लोगों की उत्सुकता और भी बढ़ा दी।

बताया जा रहा है कि ये तीनों लड़कियां एक कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करती हैं और शहर में बेहतर लाइफस्टाइल और सुविधा के लिए साझा आवास (shared accommodation) में रहती हैं। पोस्ट के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके मासिक खर्च, लाइफस्टाइल और खर्च मैनेजमेंट को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू कर दी हैं।

कई यूजर्स ने ₹42,000 के किराए को बेंगलुरु जैसे मेट्रो शहर के हिसाब से “नॉर्मल प्राइम रेंट” बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे महंगा माना। वहीं, बिजली बिल शून्य होने के दावे ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। यूजर्स का अनुमान है कि यह या तो सोलर सिस्टम, मेंटेनेंस कवर या किसी अन्य व्यवस्था के कारण संभव हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने लिखा कि Gen-Z की लाइफस्टाइल अब काफी बदल चुकी है, जहां वे सुविधाओं, लोकेशन और कम्युनिटी लिविंग को प्राथमिकता देते हैं। वहीं कुछ यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में कहा कि “₹0 बिजली बिल आज के समय में सबसे बड़ी लक्जरी है।”

विशेषज्ञों के अनुसार, बेंगलुरु जैसे तेजी से बढ़ते आईटी शहर में किराए लगातार बढ़ रहे हैं, खासकर उन इलाकों में जहां कॉर्पोरेट कर्मचारियों की अधिकता है। ऐसे में 3 लोगों द्वारा मिलकर फ्लैट शेयर करना एक आम और आर्थिक रूप से समझदारी भरा विकल्प माना जाता है।

हालांकि, इस वायरल दावे को लेकर कोई आधिकारिक दस्तावेज या पुष्टि सामने नहीं आई है, इसलिए इसे सोशल मीडिया ट्रेंड और व्यक्तिगत अनुभव के रूप में ही देखा जा रहा है।

Share this story

Tags