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कमजोर पड़ा मानसून! सैटेलाइट तस्वीरों में 90% भारत से गायब दिखे बादल; वीडियो में जाने बिहार में बाढ़ का कहर जारी

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देश में मानसून की स्थिति अब बदलती नजर आ रही है। मौसम विभाग की नई सैटेलाइट तस्वीरों में भारत के करीब 90% हिस्से में बादलों की कमी दिखाई दे रही है। खासतौर पर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में बादलों की मौजूदगी काफी कम नजर आ रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह मानसूनी गतिविधियों के कमजोर पड़ने का संकेत हो सकता है। हालांकि, मानसून की आधिकारिक वापसी अभी शुरू नहीं हुई है।

अल नीनो के असर से बदल रहा मौसम पैटर्न

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बादलों की कमी को समुद्र के तापमान में बदलाव और अल नीनो प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है। समुद्र की सतह के तापमान में बढ़ोतरी का असर वायुमंडलीय परिस्थितियों पर पड़ता है, जिससे बारिश के पैटर्न में बदलाव आ सकता है। इस साल मानसून की चाल कई जगहों पर असमान रही है।सितंबर में सामान्य से कम बारिश की आशंका ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सितंबर की बारिश खरीफ फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इस समय मिट्टी में नमी की जरूरत होती है।

बिहार में नदियां उफान पर, लाखों लोग प्रभावित

जहां देश के कई हिस्सों में मानसून कमजोर पड़ता दिख रहा है, वहीं बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य में गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती जैसी प्रमुख नदियां उफान पर हैं। कई इलाकों में नदी का पानी गांवों और घरों तक पहुंच गया है।बाढ़ के कारण राज्य के 13 जिलों में करीब 27 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई जगहों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी हैं।इस आपदा में अब तक 20 से ज्यादा लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। प्रभावित इलाकों में राहत शिविर लगाए गए हैं और बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं।

महाराष्ट्र के अंबोली में चेरापूंजी से ज्यादा बारिश

दूसरी ओर महाराष्ट्र के अंबोली क्षेत्र में इस मानसून जमकर बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, यहां अगस्त तक 250 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। अनुमान है कि सितंबर तक यह आंकड़ा 400 इंच तक पहुंच सकता है।अंबोली पश्चिमी घाट का ऐसा इलाका है, जहां मानसून के दौरान भारी बारिश होती है। यहां की बारिश ने एक बार फिर इसे देश के सबसे ज्यादा बारिश वाले क्षेत्रों में शामिल कर दिया है।

कई राज्यों में मौसम का बदला मिजाज

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के कमजोर पड़ने के बावजूद कुछ इलाकों में स्थानीय परिस्थितियों के कारण बारिश जारी रह सकती है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम और स्थानीय मौसम गतिविधियां कुछ राज्यों में बारिश करा सकती हैं।मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जहां कुछ क्षेत्रों में बारिश की कमी देखने को मिल सकती है, वहीं नदी वाले इलाकों में बाढ़ का खतरा अभी बना हुआ है।फिलहाल देश में मौसम की तस्वीर दो अलग-अलग हालात दिखा रही है—एक तरफ कमजोर होता मानसून और दूसरी तरफ बिहार जैसे राज्यों में बाढ़ की गंभीर स्थिति। आने वाले दिनों में बारिश की चाल ही तय करेगी कि मानसून राहत देगा या मुश्किलें बढ़ाएगा।

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