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मानसून में सुरक्षित एवं निर्बाध रेल संचालन के लिए भोपाल मंडल में खास इंतजाम

मानसून में सुरक्षित एवं निर्बाध रेल संचालन के लिए भोपाल मंडल में खास इंतजाम
मानसून में सुरक्षित एवं निर्बाध रेल संचालन के लिए भोपाल मंडल में खास इंतजाम

भोपाल, 1 जुलाई (आईएएनएस) मानसून के दौरान वर्षा, आंधी-तूफान एवं जलभराव जैसी परिस्थितियों के बीच सुरक्षित एवं निर्बाध रेल संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। रेलवे की ओर से आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार मानसून को ध्यान में रखते हुए रेलवे संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ट्रैक, पुलों, सिग्नल एवं विद्युत परिसंपत्तियों की विशेष निगरानी की जा रही है।

यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम रेल यात्रा उपलब्ध कराने के लिए मंडल के सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं। बताया गया है कि भोपाल मंडल के भोपाल–इटारसी, भोपाल–बीना, बीना–गुना, गुना–अशोकनगर–रूठियाई, इटारसी–नर्मदापुरम तथा अन्य संवेदनशील रेलखंडों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। घाट क्षेत्रों, पुलों, जलभराव संभावित स्थलों एवं संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी एवं नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया गया है।

मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मानसून अवधि के दौरान मौसम की स्थिति पर निरंतर नजर रखें, स्थानीय प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए रखें तथा किसी भी आपात स्थिति से त्वरित एवं प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी संसाधन हर समय तैयार रखें। बताया गया है कि संवेदनशील रेलखंडों पर विशेष मानसून पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है।

संभावित जोखिम वाले स्थानों पर ट्रैक पेट्रोलमैन एवं चौकीदार तैनात किए गए हैं, जो लगातार रेल पथ, पुलों एवं अन्य संरचनाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सूचना एवं कार्रवाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। इसी तरह रेलवे ट्रैक, यार्ड एवं स्टेशन परिसरों में जलभराव की स्थिति से बचाव के लिए नालियों, पुलियों एवं जल निकासी मार्गों की व्यापक सफाई कराई गई है।

ट्रैक के आसपास जमा मलबा एवं अन्य अवरोध हटाकर वर्षा जल की निर्बाध निकासी सुनिश्चित की गई है, जिससे रेल परिचालन प्रभावित न हो। रेलवे अधिकारियों द्वारा विद्युतीकृत रेलखंडों पर ओवरहेड उपकरण (ओएचई), सिग्नल एवं ट्रैक का संयुक्त निरीक्षण किया गया है। संभावित खतरा उत्पन्न करने वाले पेड़ों एवं शाखाओं की छंटाई कर दी गई है।

संवेदनशील पुलों पर जलस्तर की निगरानी के लिए आवश्यक उपकरण सक्रिय रखे गए हैं तथा संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

--आईएएनएस

एसएनपी/पीएम

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