मौसम का बदला मिजाज: 7 राज्यों में अगले 5 दिन कमजोर रहेगा मानसून, वीडियो में जाने पहलगाम में बादल फटने से बढ़ी मुश्किलें
देश में मानसून का असर एक बार फिर असमान नजर आ रहा है। जहां एक ओर पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं, वहीं मध्य और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में मानसून कमजोर पड़ गया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले पांच दिनों तक पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र समेत सात राज्यों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।
देश के 70% हिस्से से हटे मानसूनी बादल
भारतीय मौसम विभाग (IMD) की नई सैटेलाइट तस्वीरों और मौसम प्लेटफॉर्म विंडी.कॉम के आंकड़ों के अनुसार, देश के करीब 70 प्रतिशत हिस्से से मानसूनी बादल हट गए हैं। फिलहाल बादलों का मुख्य क्षेत्र उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा समेत पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों की ओर खिसक गया है। इसके चलते पश्चिम, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियां काफी कमजोर हो गई हैं।
पहलगाम में बादल फटा, होटल में घुसा पानी और मलबा
शनिवार शाम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के नाला ओवेरा इलाके में बादल फटने की घटना सामने आई। अचानक आई तेज बारिश और मलबे के कारण इलाके में बने एक होटल में पानी और मलबा घुस गया। यह क्षेत्र अमरनाथ यात्रा मार्ग से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। हालांकि, यात्रा मार्ग की सुरक्षा को लेकर भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
पूर्वी राज्यों में बारिश बनी आफत
देश के जिन हिस्सों में फिलहाल मानसून सक्रिय है, वहां भारी बारिश लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। लगातार वर्षा के चलते कई शहरों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जबकि नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मैदानी इलाकों में बढ़ेगी उमस
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जिन राज्यों में बारिश कम होगी, वहां तापमान में हल्की बढ़ोतरी के साथ उमस भी बढ़ सकती है। विशेष रूप से राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कई जिलों में लोगों को गर्मी और चिपचिपाहट का सामना करना पड़ सकता है। वहीं किसानों की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि खरीफ फसलों के लिए इस समय नियमित बारिश बेहद जरूरी मानी जाती है।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। वहीं जिन राज्यों में बारिश कम होने की संभावना है, वहां अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है।

