देश के 70% हिस्से में छाए मानसूनी बादल: अगले 5 दिन झमाझम बारिश के आसार, वीडियो में जाने यूपी में बाढ़ का खतरा बढ़ा तो राजस्थान में यलो अलर्ट जारी
देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने की ओर बढ़ रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की ताजा सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार, देश के करीब 70 प्रतिशत हिस्से में मानसूनी बादलों का प्रभाव देखा जा रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 25 जुलाई तक उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत समेत देश के 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इससे कई राज्यों में गर्मी से राहत मिलने के साथ जलाशयों और खेती को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इस बार मानसून की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अब तक पूरे देश में सामान्य से करीब 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। ऐसे में मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों की बारिश इस कमी को काफी हद तक पूरा कर सकती है।
यूपी में बढ़ा नदियों का जलस्तर, घाट जलमग्न
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वाराणसी और प्रयागराज में गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं।वाराणसी में प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट से लेकर पंचगंगा घाट तक पानी पहुंच गया है। इसके साथ ही रत्नेश्वर महादेव मंदिर समेत लगभग 40 छोटे मंदिरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में मानसून की रफ्तार धीमी, बढ़ी उमस और गर्मी
दूसरी ओर, राजस्थान में मानसून की गतिविधियां फिलहाल धीमी पड़ गई हैं। बारिश थमने के कारण कई इलाकों में गर्मी और उमस बढ़ गई है। रविवार को बीकानेर संभाग के तीन जिलों में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।राज्य के अधिकांश हिस्सों में रविवार को कहीं भी तेज बारिश दर्ज नहीं की गई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा।
24 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने सोमवार के लिए राजस्थान के 24 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार यह अलर्ट अगले तीन दिनों तक प्रभावी रहेगा।इस दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की गई है।
किसानों और आम लोगों की बढ़ी उम्मीदें
विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में यदि अनुमान के अनुसार व्यापक बारिश होती है, तो इससे खेती-किसानी को बड़ा लाभ मिलेगा और जलाशयों का जलस्तर भी सुधरेगा। वहीं, जिन इलाकों में नदियां उफान पर हैं, वहां प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ सकती है। फिलहाल पूरे देश में मौसम का मिजाज अलग-अलग देखने को मिल रहा है। कहीं भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं, तो कहीं मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। मौसम विभाग ने नागरिकों से मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

