मानसून ब्रेक से उत्तर भारत में बढ़ी गर्मी, वीडियो में जाने दिल्ली-राजस्थान समेत कई राज्यों में पारा चढ़ा; पूर्वोत्तर में बाढ़ का कहर जारी
देशभर में मानसून का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। जहां उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून ब्रेक के कारण पिछले तीन दिनों से गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बारिश से बाढ़ और भूस्खलन का संकट गहराता जा रहा है। मौसम विभाग ने ओडिशा के कई हिस्सों, खासकर पुरी में अगले कुछ दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
उत्तर भारत में बढ़ी गर्मी, दिल्ली में पारा 38 डिग्री
मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ने से राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली में मंगलवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की सक्रियता कम होने के कारण अगले कुछ दिनों तक गर्मी का असर बना रह सकता है।
अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से हालात गंभीर
दूसरी ओर, पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। अरुणाचल प्रदेश के चार जिलों में बाढ़, भूस्खलन और भारी बारिश से कई घरों को नुकसान पहुंचा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 1,02,917 हो गई है।अब तक बाढ़ और लैंडस्लाइड से जुड़ी घटनाओं में 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 29 लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रहे हैं।
असम के 99 गांव बाढ़ की चपेट में
पड़ोसी राज्य असम में भी बाढ़ की स्थिति चिंताजन बनी हुई है। राज्य के 6 जिलों में बाढ़ का पानी फैल गया है, जिससे 12 राजस्व सर्किल और 99 गांव प्रभावित हुए हैं। कुल 37,032 लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं।सबसे ज्यादा असर लखीमपुर जिले में देखा गया है, जहां अकेले 35,696 लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं। प्रशासन प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटा है।
पुरी में रथ यात्रा के दौरान भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने ओडिशा के कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। खासकर पुरी, जहां रथ यात्रा का आयोजन हो रहा है, वहां बुधवार से शुक्रवार सुबह तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिमी बांग्लादेश तट पर अगले 24 घंटे में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसी सिस्टम के प्रभाव से ओडिशा के तटीय इलाकों में तेज बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। वहीं, उत्तर भारत के राज्यों में लोगों को तेज धूप और उमस से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीने और दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।देश में मानसून के इस बदले हुए मिजाज ने एक ओर उत्तर भारत में गर्मी बढ़ा दी है, तो दूसरी ओर पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

