बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन से मानसून हुआ एक्टिव, वीडियो में जाने राजस्थान-MP समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तर ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बने डिप्रेशन सिस्टम के असर से देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में ऑरेंज और येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
राजस्थान के 10 जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने राजस्थान के भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग के कुल 10 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में तेज बारिश के साथ कहीं-कहीं गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि डिप्रेशन सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां तेज बनी रह सकती हैं।
मध्य प्रदेश में 30 जुलाई तक भारी बारिश के आसार
मध्य प्रदेश में 27 से 30 जुलाई के बीच व्यापक बारिश का अनुमान है। सोमवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रीवा सहित राज्य के 55 जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में अब तक 13.2 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि तक 15.5 इंच बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग का मानना है कि आगामी बारिश से इस कमी में कुछ हद तक सुधार हो सकता है।
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में अलर्ट
उत्तर प्रदेश में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने राज्य के सभी 75 जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है।लखीमपुर खीरी और बहराइच में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। सोमवार सुबह से प्रदेश के 40 से अधिक शहरों में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर रुक-रुक कर बारिश होती रही।लगातार बारिश के कारण घाघरा, शारदा समेत चार नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। काठमांडू जाने वाली एक उड़ान को प्रतिकूल मौसम के कारण लखनऊ एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा।
हिमाचल प्रदेश में बारिश से जनजीवन प्रभावित
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। राज्य में 30 जून से 26 जुलाई के बीच बारिश से जुड़ी घटनाओं में 15 लोगों की मौत हो चुकी है।भूस्खलन और सड़क धंसने की घटनाओं के कारण 135 सड़कें अब भी बंद हैं। प्रशासन सड़कें खोलने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में जुटा हुआ है।
अगले कुछ दिन सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने जिन इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है, वहां लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। प्रशासन को भी संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने इस डिप्रेशन के प्रभाव से उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां तेज बनी रह सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

