‘मोनालिसा’ वायरल वीडियो फर्जी निकला, मजाक में बनाया गया था क्लिप; पुलिस जांच में नया मोड़
सोशल मीडिया पर हाल ही में तेजी से वायरल हुआ ‘मोनालिसा के भागने’ का दावा करने वाला वीडियो अब फर्जी साबित हुआ है। शुरुआती दौर में इस वीडियो ने लोगों के बीच भ्रम और चर्चा पैदा कर दी थी, लेकिन अब सामने आई जानकारी ने पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट कर दी है।
जांच के अनुसार, इस वायरल वीडियो को बनाने वाला व्यक्ति फरमान नाम का शख्स नहीं था, जैसा कि पहले दावा किया जा रहा था। असल में यह वीडियो राजस्थान के अरविंद कुमार जोशी द्वारा बनाया गया था, जिसे उन्होंने मजाक और कंटेंट क्रिएशन के उद्देश्य से रिकॉर्ड किया था। लेकिन सोशल मीडिया पर इसे गंभीर घटना के रूप में पेश कर दिया गया, जिससे यह तेजी से फैल गया।
इस गलत जानकारी के वायरल होने के बाद मामला और गंभीर हो गया और कई जगहों पर इसे वास्तविक घटना मान लिया गया। इससे पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर भी भ्रम की स्थिति बनी।
अब यह भी सामने आ रहा है कि इस तरह का फर्जी वीडियो बनाकर गलत सूचना फैलाने के मामले में अरविंद कुमार जोशी पर कानूनी कार्रवाई की संभावना बन सकती है। अगर जांच में यह साबित होता है कि वीडियो जानबूझकर भ्रामक तरीके से वायरल किया गया, तो उनके खिलाफ कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
यह मामला Mahakumbh से जुड़ी वायरल चर्चाओं के बाद और भी ज्यादा सुर्खियों में आया, जहां पहले से ही कई तरह की अफवाहें और वीडियो सोशल मीडिया पर फैल रहे थे।
सोशल मीडिया पर इस खुलासे के बाद लोगों में फर्जी कंटेंट को लेकर नाराजगी भी देखने को मिल रही है। कई यूजर्स का कहना है कि बिना पुष्टि के ऐसे वीडियो शेयर करना न सिर्फ गलतफहमी फैलाता है, बल्कि यह कानून व्यवस्था को भी प्रभावित कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में फेक न्यूज और एडिटेड वीडियो तेजी से फैलते हैं, इसलिए किसी भी वायरल कंटेंट को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करना बेहद जरूरी हो गया है।
फिलहाल यह मामला फर्जी वीडियो, सोशल मीडिया वायरलिटी और संभावित कानूनी कार्रवाई—इन तीनों कारणों से लगातार चर्चा में बना हुआ है।

