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मोहन भागवत ने देश और राष्ट्र से प्रेम करने वाले लोगों के मन की बात कही: श्रीकांत भारतीय

मुंबई, 9 फरवरी (आईएएनएस)। संघ प्रमुख मोहन भागवत के इस बयान पर कि वीर सावरकर को भारत रत्न दिया जाना चाहिए। भाजपा नेता श्रीकांत भारतीय ने कहा कि देश और राष्ट्र से प्रेम करने वाले लोगों के मन की बात संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कही है।
मोहन भागवत ने देश और राष्ट्र से प्रेम करने वाले लोगों के मन की बात कही: श्रीकांत भारतीय

मुंबई, 9 फरवरी (आईएएनएस)। संघ प्रमुख मोहन भागवत के इस बयान पर कि वीर सावरकर को भारत रत्न दिया जाना चाहिए। भाजपा नेता श्रीकांत भारतीय ने कहा कि देश और राष्ट्र से प्रेम करने वाले लोगों के मन की बात संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कही है।

मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में भाजपा नेता श्रीकांत भारतीय ने कहा कि वीर सावरकर का समर्पण, बलिदान और शहादत पूरी दुनिया जानती है, देश को आजादी दिलाने के लिए उन्होंने क्या किया, यह सब जानते हैं। इसीलिए संघ प्रमुख ने करोड़ों लोगों की भावनाओं को व्यक्त किया है।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के वीर सावरकर पर दिए बयान पर भाजपा नेता श्रीकांत भारतीय ने कहा कि क्या इमरान मसूद भारत में पैदा नहीं हुए थे। देश की आज़ादी की लड़ाई को समझना इमरान मसूद की ज़िम्मेदारी है। आज़ादी की लड़ाई किसने लड़ी। किसने बलिदान दिया और खुद को समर्पित किया। 14 साल तक काला पानी में किसे जेल हुई। अगर इमरान मसूद यह नहीं पढ़ते हैं, तो यह उनके लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।

इमरान मसूद को नसीहत देते हुए भाजपा नेता ने कहा कि देश की आजादी के लिए जिन-जिन लोगों ने समर्पण दिया, उसे पढ़ना चाहिए।

भाजपा की बीएमसी मेयर उम्मीदवार रितु तावड़े पर भाजपा नेता श्रीकांत भारतीय ने कहा कि हमने मुंबई के लोगों से किया वादा पूरा किया है। हमने कहा था कि वह हिंदू, मराठी और महायुति का हिस्सा होंगी। रितु तावड़े हिंदू हैं, मराठी हैं और महायुति का हिस्सा हैं। हमने वह वादा पूरा किया है जो देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के लोगों से किया था।

संघ प्रमुख मोहन भागवत के यूसीसी पर दिए बयान पर भाजपा नेता श्रीकांत भारतीय ने कहा कि कॉमन सिविल कोड हमारे लिए कोई नया विचार नहीं है। भारतीय जनता पार्टी लंबे समय से इस मुद्दे पर समाज के साथ बातचीत कर रही है और आगे भी करती रहेगी। अगर मोहन भागवत ने इसके बारे में बात की है, तो यह एक ऐसा विषय है जिसका मकसद आम लोगों को समाज की मुख्यधारा में लाना है। ऐसी मांग आज देश में करोड़ों लोगों की आकांक्षाओं को दिखाती है।

--आईएएनएस

डीकेएम/डीएससी

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