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मोहन भागवत को पहले बेरोजगारी देखनी चाहिए, देश में अघोषित इमरजेंसी: भाई जगताप

मोहन भागवत को पहले बेरोजगारी देखनी चाहिए, देश में अघोषित इमरजेंसी: भाई जगताप
मोहन भागवत को पहले बेरोजगारी देखनी चाहिए, देश में अघोषित इमरजेंसी: भाई जगताप

मुंबई, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता और विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) भाई जगताप ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की सत्ता परिवर्तन संबंधी टिप्पणी सहित कई राजनीतिक मुद्दों पर भाजपा और केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने बेरोजगारी, पेपर लीक, परिसीमन, महिला आरक्षण, रूस से तेल खरीद, आतंकवाद और राहुल गांधी को लेकर भाजपा की पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है और सरकार को संविधान के दायरे में रहकर विपक्ष की बात सुननी चाहिए।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की सत्ता परिवर्तन संबंधी टिप्पणी पर भाई जगताप ने कहा कि उन्हें सबसे पहले देश में बेरोजगार युवाओं, छात्र और पेपर लीक जैसी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। छात्र वर्षों तक पढ़ाई करते हैं, लेकिन परीक्षाओं के पेपर लीक होने से उनकी मेहनत प्रभावित होती है। ऐसे मामलों में पकड़े गए लोगों में भाजपा से जुड़े लोग भी शामिल रहे हैं। 2014 के बाद देश की स्थिति घोषित आपातकाल जैसी हो गई है। नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को सीमित करने की कोशिशों के कारण विभिन्न राज्यों में आंदोलन हो रहे हैं। संविधान हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार देता है और यदि सरकार लोगों की बात नहीं सुनेगी, तो वे सड़कों पर उतरेंगे।

मार्को रुबियो के भारत के ऊर्जा पोर्टफोलियो में विविधता लाने के समर्थन पर प्रतिक्रिया देते हुए जगताप ने रूस से तेल खरीदने के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय तेल कारोबार में भारत के हितों को लेकर सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। भाजपा नेताओं को इस विषय पर देश के सामने जवाब देना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से देश को नुकसान हो रहा है।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के उस बयान पर, जिसमें मल्लिकार्जुन खड़गे की बार-बार सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग को अनुचित बताया गया था, जगताप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से काम नहीं कर रही है। परिसीमन एक संवैधानिक प्रक्रिया है और इसे सरकार अपनी मर्जी से तय नहीं कर सकती। इस मुद्दे पर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन समेत विपक्षी दलों से बातचीत होनी चाहिए। उन्होंने ईवीएम और एसआईआर के जरिए वोट चोरी के आरोप भी लगाए और आशंका जताई कि परिसीमन के माध्यम से लोगों और राजनीतिक दलों के संवैधानिक अधिकारों को प्रभावित किया जा सकता है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर की आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मापदंड नहीं अपनाने संबंधी टिप्पणी पर जगताप ने पुलवामा हमले का जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि आतंकवाद पर बात करते समय देश में हुए हमलों और नागरिकों की हत्याओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने राजनाथ सिंह से कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर बयान देते समय अपने रुख और जिम्मेदारियों को स्पष्ट रखना चाहिए।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रस्तावित मुलाकात पर भाई जगताप ने कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर खड़गे का प्रधानमंत्री के सामने देश के मुद्दे उठाना उनका संवैधानिक अधिकार है। एसआईआर, परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। उन्हें इस बातचीत से बहुत अधिक उम्मीद नहीं है, लेकिन विपक्ष अपनी बात जरूर रखेगा। उन्होंने सरकार से सभी दलों की बैठक बुलाने की मांग भी की।

राहुल गांधी को लेकर भाजपा की एक्स पोस्ट पर जगताप ने कहा कि कांग्रेस नेता जनता के मुद्दों को लेकर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने राहुल गांधी की यात्राओं का जिक्र करते हुए कहा कि वह छह हजार किलोमीटर से अधिक चल चुके हैं और युवाओं, छात्रों और किसानों के सवालों पर सरकार को घेरते रहेंगे। राहुल गांधी की चिंता करने के बजाय भाजपा को जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।

--आईएएनएस

पीएसके

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