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मॉडल गर्लफ्रेंड, टीचर बीवी और 10 लाख की सुपारी… दिल्ली के सुनीता हत्याकांड में 7 साल बाद आया फैसला

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दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने 2018 में बवाना इलाके में एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका की हत्या की साजिश रचने के मामले में मॉडल एंजल गुप्ता और पांच अन्य आरोपियों को दोषी ठहराया है। उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इस मामले में मृतका के पति मंजीत सेहरावत को मुख्य दोषी ठहराया गया है, जो एंजल गुप्ता (शशिप्रभा) के साथ अवैध संबंध में था। मृतका का नाम सुनीता था, और उसकी हत्या के पीछे अवैध रिश्ते का मामला था।

मर्डर की साजिश और आरोपी की पहचान

38 वर्षीय सुनीता सोनीपत जिले के फिरोजपुर में एक सरकारी स्कूल में प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका थीं। 2016 में सुनीता को अपने पति मंजीत के अवैध संबंधों के बारे में पता चला। इसके बाद दोनों के बीच कई झगड़े हुए और उनका वैवाहिक जीवन तनावपूर्ण हो गया। मंजीत, जो अपनी प्रेमिका एंजल गुप्ता के साथ शादी करना चाहता था, ने अपनी पत्नी की हत्या की साजिश रची। मंजीत ने अपनी प्रेमिका एंजल गुप्ता और उसके पिता के साथ मिलकर एक जघन्य साजिश बनाई। उन्होंने दो किलर को काम पर रखा और उन्हें 10 लाख रुपये की सुपारी दी, जिसमें से 45 हजार रुपये आरोपियों के बैंक अकाउंट में एडवांस में ट्रांसफर किए गए थे। इस पैसे से सुनीता की हत्या को अंजाम दिया गया। मंजीत और एंजल ने मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया, ताकि मंजीत अपनी पत्नी को मारकर प्रेमिका के साथ शादी कर सके।

हत्या का दिन और घटनाक्रम

29 अक्टूबर 2018 को जब सुनीता स्कूल जाने के लिए घर से निकली थीं, तभी उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। उस दिन सुनीता को स्कूल में अपने एकेडमिक कार्यों के लिए सम्मानित किया जाना था। उनकी हत्या के बाद उनके परिवारवालों को शक था कि इस हत्या में उनके पति मंजीत का हाथ हो सकता है। पुलिस को सुनीता की एक डायरी भी मिली थी, जिसमें पति के साथ उनके व्यक्तिगत संवादों का उल्लेख था, जो जांच के दौरान अहम सबूत साबित हुआ।

पूछताछ और साजिश का खुलासा

पुलिस ने मामले की गहरी जांच शुरू की और सुनीता के पति मंजीत से पूछताछ की। जांच में मंजीत के अवैध संबंधों की पुष्टि हुई, और इसके बाद पुलिस ने मंजीत, उसकी प्रेमिका एंजल गुप्ता और एंजल के पिता को आरोपी बनाया। पूछताछ और सबूतों के आधार पर पुलिस ने इस साजिश को सुलझा लिया और तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि मंजीत ने करवाचौथ पर सुनीता की हत्या करने की योजना बनाई और फिर उसे सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

सात साल बाद फैसला

रोहिणी कोर्ट ने इस मामले में कुल छह आरोपियों को दोषी ठहराया। इनमें मंजीत, एंजल गुप्ता, और उनके साथी राजीव सेठी, शहजाद सैफी, विशाल उर्फ जॉनी और धर्मेंद्र शामिल हैं। कोर्ट ने सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई। इस मामले में 7 साल बाद फैसला आया, और अब सभी दोषियों को जेल की सजा भुगतनी होगी।

न्याय की प्रक्रिया और समाज पर असर

इस मामले में सात साल बाद आए फैसले ने यह सिद्ध कर दिया कि न्याय की प्रक्रिया कभी देर से होती है, लेकिन सही तरीके से होती है। यह फैसला ना सिर्फ पीड़ित परिवार के लिए राहत का कारण बना, बल्कि समाज में ऐसे अपराधों के खिलाफ एक संदेश भी भेजा है। अदालत ने आरोपी को कड़ी सजा दी है, ताकि समाज में अपराधियों को यह स्पष्ट संदेश मिले कि वे किसी भी प्रकार के जघन्य अपराधों से बच नहीं सकते।

यह मामला यह भी दर्शाता है कि व्यक्तिगत रिश्तों में तनाव और अवैध संबंधों की जड़ें परिवारों को किस हद तक प्रभावित कर सकती हैं और कैसे अपराधियों के मन में हिंसा और हत्या करने की सोच पनप सकती है।

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