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ट्रेन यात्रा में मोबाइल का इस्तेमाल पड़ सकता है भारी: सुरक्षा के लिए सतर्क रहना जरूरी, Video

ट्रेन यात्रा में मोबाइल का इस्तेमाल पड़ सकता है भारी: सुरक्षा के लिए सतर्क रहना जरूरी, Video

आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। सफर के दौरान लोग समय काटने, कॉल करने या वीडियो देखने के लिए अक्सर मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अगर खुद को सुरक्षित रखना है, तो सबसे पहले अपने मोबाइल की सुरक्षा करना बेहद जरूरी है। खासकर ट्रेन में यात्रा के दौरान थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।

रेलवे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से लगातार यह चेतावनी दी जाती रही है कि ट्रेन में सफर करते समय दरवाज़े या खिड़की के बाहर हाथ निकालकर मोबाइल का इस्तेमाल न करें। इसके बावजूद कई यात्री इस खतरे को नजरअंदाज कर देते हैं। हाल के वर्षों में सामने आए कई मामलों में देखा गया है कि शातिर बदमाश इस लापरवाही का फायदा उठाते हैं।

जानकारी के अनुसार, कई रेलवे स्टेशनों, आउटर एरिया और सुनसान हिस्सों में अपराधी पहले से घात लगाए खड़े रहते हैं। उनके हाथ में लाठी या डंडा होता है। जैसे ही कोई यात्री ट्रेन के दरवाज़े या खिड़की के बाहर हाथ निकालकर मोबाइल इस्तेमाल करता है, बदमाश अचानक लाठी से सीधे हाथ पर वार कर देता है। इस हमले में न सिर्फ मोबाइल छिन जाता है, बल्कि यात्री को गंभीर चोट भी लग सकती है।

कई मामलों में यात्रियों के हाथ में फ्रैक्चर, सिर में चोट या गिरने से अन्य शारीरिक नुकसान तक हो चुके हैं। कुछ घटनाओं में तो यात्री ट्रेन के अंदर संतुलन खो बैठते हैं, जिससे बड़ा हादसा होने का खतरा भी बना रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल छिनने से ज्यादा खतरनाक वह चोट होती है, जो जीवनभर की परेशानी बन सकती है।

रेलवे पुलिस का कहना है कि यह घटनाएं किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। देश के कई हिस्सों में इस तरह की वारदातें सामने आ चुकी हैं। अपराधी अक्सर भीड़ या ट्रेन की गति का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देते हैं और मौके से फरार हो जाते हैं। ऐसे मामलों में आरोपी को पकड़ना भी मुश्किल हो जाता है।

यात्रियों से अपील की जा रही है कि ट्रेन में सफर के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करते समय पूरी सावधानी बरतें। दरवाज़े पर खड़े होकर, खिड़की से बाहर झुककर या हाथ बाहर निकालकर मोबाइल चलाना जानलेवा साबित हो सकता है। बेहतर है कि सीट पर बैठकर ही मोबाइल का इस्तेमाल किया जाए और स्टेशन या आउटर एरिया में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए।

रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय प्रशासन समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाकर यात्रियों को सुरक्षित यात्रा के लिए सचेत करता है। पोस्टर, घोषणाओं और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को बताया जाता है कि थोड़ी सी सावधानी बड़ी दुर्घटना को टाल सकती है।

यह संदेश किसी तरह का डर फैलाने के लिए नहीं, बल्कि जन-जागरूकता के उद्देश्य से है। सतर्क रहकर न केवल अपना मोबाइल, बल्कि अपनी जान और सेहत को भी सुरक्षित रखा जा सकता है। सुरक्षित यात्रा तभी संभव है, जब यात्री खुद भी जिम्मेदारी और समझदारी दिखाएं।

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