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मिथुन चक्रवर्ती को सलाहकार बनाने पर बोले आनंद दुबे- भाजपा नेता हैं, आश्चर्य की बात नहीं

मिथुन चक्रवर्ती को सलाहकार बनाने पर बोले आनंद दुबे- भाजपा नेता हैं, आश्चर्य की बात नहीं
मिथुन चक्रवर्ती को सलाहकार बनाने पर बोले आनंद दुबे- भाजपा नेता हैं, आश्चर्य की बात नहीं

मुंबई, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने पश्चिम बंगाल सरकार में मिथुन चक्रवर्ती को कैबिनेट रैंक के साथ सांस्कृतिक सलाहकार बनाए जाने, राहुल गांधी की लंच मीटिंग को लेकर उठ रहे सवालों और चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के आंदोलन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस दौरान दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर पर भी दुख जताया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।

पश्चिम बंगाल सरकार में कैबिनेट रैंक के साथ सांस्कृतिक सलाहकार के तौर पर मिथुन चक्रवर्ती की नियुक्ति पर आनंद दुबे ने कहा कि मिथुन चक्रवर्ती आधिकारिक तौर पर भाजपा के नेता हैं। वह फिल्मों के साथ-साथ भाजपा से भी जुड़े हुए हैं और ऐसे में उनकी पार्टी की सरकार में उन्हें सलाहकार बनाए जाने पर कोई बड़ा आश्चर्य नहीं होना चाहिए। सलाहकार का काम सरकार को सलाह देना होता है। मिथुन चक्रवर्ती सरकार को क्या सलाह देंगे और किस तरह की भूमिका निभाएंगे, यह आने वाले समय में पता चलेगा। इससे पहले भी फिल्मी कलाकार अलग-अलग सरकारों के लिए काम करते रहे हैं। नेता और अभिनेता एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं। कोई नेता अच्छा अभिनेता हो सकता है और कोई अभिनेता राजनीति में आकर नेता की भूमिका निभा सकता है।

राहुल गांधी की लंच मीटिंग और उसमें शामिल लोगों को लेकर उठ रहे सवालों पर आनंद दुबे ने कहा कि लंच करना या नहीं करना किसी व्यक्ति का व्यक्तिगत विषय है। लोग अपने घर, होटल या कार्यालय में लंच करते हैं और इस पर किसी को पीछे-पीछे चलने की जरूरत नहीं है। अगर भाजपा या सरकार से जुड़े लोग राहुल गांधी की लंच मीटिंग को लेकर सवाल उठा रहे हैं तो यह उनकी सोच का विषय है। इस तरह के व्यक्तिगत कार्यक्रमों को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।

चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के आंदोलन पर आनंद दुबे ने कहा कि राजनीति और सामाजिक जीवन में आंदोलन करना विपक्ष का अधिकार है। उन्होंने एसआईआर को लेकर चल रहे विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। ज्ञानेश कुमार को राहुल गांधी से मिलकर पूरे विषय को समझना चाहिए और उनकी मांगों को सुनना चाहिए। चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ मतभेदों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।

आनंद दुबे ने कहा कि धरना और प्रदर्शन विपक्ष की राजनीतिक भूमिका का हिस्सा है। सरकार में बैठे लोग आंदोलन नहीं करते, बल्कि विपक्ष सरकार के कामकाज और वादों को लेकर सवाल उठाता है। विपक्ष को देश का दुश्मन नहीं समझना चाहिए और उसे आंदोलन करने का लोकतांत्रिक अधिकार है।

नाना पाटेकर के निधन की खबर पर आनंद दुबे ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सुबह यह खबर सामने आने से उन्हें काफी दुख हुआ। उन्होंने नाना पाटेकर को ऐसे अभिनेता के रूप में याद किया, जिन्होंने सामाजिक सरोकार, सांस्कृतिक विषय, आपसी भाईचारे और देशभक्ति से जुड़ी फिल्मों में योगदान दिया। उन्होंने 'तिरंगा', 'क्रांतिवीर', 'प्रहार' और 'अंकुश' जैसी फिल्मों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन फिल्मों से उन्हें प्रेरणा मिलती रही है। उन्होंने नाना पाटेकर के कॉमेडी किरदारों का भी जिक्र किया और कहा कि उनका अभिनय दर्शकों के बीच लंबे समय तक याद किया जाएगा।

आनंद दुबे ने नाना पाटेकर के सामाजिक कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर ने नाम फाउंडेशन के माध्यम से किसानों और पानी से जुड़े संकट के मुद्दों पर काम किया। नाना पाटेकर केवल अभिनेता नहीं बल्कि सामाजिक कार्यों से जुड़े व्यक्तित्व भी थे। दुबे ने कहा कि नाना पाटेकर की पहचान महाराष्ट्र से जुड़ी रही और उन्होंने हिंदी फिल्मों में भी व्यापक लोकप्रियता हासिल की। उन्होंने नाना पाटेकर के पारंपरिक पहनावे का जिक्र करते हुए कहा कि कार्यक्रमों और मीडिया आयोजनों में वह अक्सर कुर्ता-पायजामा और गमछे के साथ नजर आते थे तथा कभी-कभी मराठी टोपी भी पहनते थे।

उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर महाराष्ट्र की अस्मिता से जुड़े कलाकार होने के साथ देशभर में पहचान बनाने वाले अभिनेता थे। आनंद दुबे ने उनके साथ हुई मुलाकातों को याद करते हुए कहा कि उनके बीच नमस्कार और बातचीत का सिलसिला रहा था तथा उनके अभिनय और संवाद अदायगी की प्रशंसा की। पाटेकर को श्रद्धांजलि देते हुए आनंद दुबे ने कहा कि उनके निधन से एक बड़े अभिनेता और सामाजिक व्यक्तित्व का नुकसान हुआ है। उनकी फिल्मों और उनके काम को लोग लंबे समय तक याद करते रहेंगे। साथ ही उन्होंने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत अभिनेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

--आईएएनएस

पीएसके

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