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मिशन शक्ति अभियान 6.0: महिलाओं और छात्र-छात्राओं को सुरक्षा, साइबर अपराध और कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक

मिशन शक्ति अभियान 6.0: महिलाओं और छात्र-छात्राओं को सुरक्षा, साइबर अपराध और कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक
मिशन शक्ति अभियान 6.0: महिलाओं और छात्र-छात्राओं को सुरक्षा, साइबर अपराध और कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक

ग्रेटर नोएडा, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस की ओर से मिशन शक्ति अभियान 6.0 के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में मिशन शक्ति टीमों द्वारा स्कूलों, कॉलेजों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं तथा छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, कानूनी अधिकारों और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है।

पुलिस का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ ही उन्हें किसी भी आपात स्थिति में बिना डर के सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना है। पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में पुलिस उपायुक्त महिला सुरक्षा सुनिति और अपर पुलिस उपायुक्त महिला सुरक्षा मनीषा सिंह के पर्यवेक्षण में यह अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत पुलिस की मिशन शक्ति टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं।

कार्यक्रमों में महिलाओं के साथ ही छात्र-छात्राओं को भी शामिल किया जा रहा है, ताकि उनमें कम उम्र से ही सुरक्षा, सतर्कता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति समझ विकसित हो सके। जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं एवं छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं, उनके कानूनी अधिकारों और विभिन्न अपराधों से बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया।

पुलिस टीमों ने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार की परेशानी, उत्पीड़न या असुरक्षा की स्थिति में संबंधित हेल्पलाइन और पुलिस सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं एवं बालिकाओं के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इनमें मिशन शक्ति अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना तथा महिला एवं बाल कल्याण विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं शामिल हैं।

पुलिस टीमों ने इन योजनाओं के उद्देश्यों और उनसे मिलने वाले लाभों के बारे में जानकारी देकर पात्र लाभार्थियों को योजनाओं के प्रति जागरूक करना है। डिजिटल माध्यमों के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए कार्यक्रमों में साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। छात्र-छात्राओं और महिलाओं को सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल करने, अपनी निजी जानकारी को गोपनीय रखने और अनजान लिंक या संदिग्ध संदेशों से सावधान रहने की सलाह दी गई। साथ ही ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, साइबर अपराध और डिजिटल माध्यमों से होने वाली ठगी से बचाव के उपाय भी बताए गए।

पुलिस टीमों ने बताया कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि के प्रति सतर्क रहना जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो उसे समय गंवाए बिना संबंधित हेल्पलाइन पर शिकायत करनी चाहिए। जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभागियों को साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने और जरूरत पड़ने पर तत्काल पुलिस सहायता प्राप्त करने के तरीकों से भी अवगत कराया गया। कार्यक्रमों के दौरान पुलिस टीमों ने महिलाओं, बालिकाओं और बच्चों की सहायता के लिए संचालित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी साझा की। इनमें महिला हेल्पलाइन नंबर 1090, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, आपातकालीन पुलिस सेवा 112, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और वन स्टॉप सेंटर हेल्पलाइन नंबर 181 शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों के लिए आधिकारिक साइबर पोर्टल के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस टीमों ने प्रतिभागियों को बताया कि आपातकालीन स्थिति में उपलब्ध सहायता सेवाओं का समय पर उपयोग करना महत्वपूर्ण है। इस दौरान जागरूकता संबंधी पंपलेट भी वितरित किए गए और महिलाओं तथा छात्र-छात्राओं को आवश्यकता पड़ने पर इन सेवाओं का निर्भीक होकर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। मिशन शक्ति अभियान 6.0 का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं में सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास की भावना को मजबूत करना तथा उन्हें उनके अधिकारों, सहायता सेवाओं और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक बनाना है।

गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा विभिन्न विभागों और आमजन के सहयोग से महिला सुरक्षा, साइबर जागरूकता तथा सामुदायिक सहभागिता से जुड़े कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस की इन पहलों के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करने और समाज में महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को जागरूक कर पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

--आईएएनएस

पीकेटी/डीकेपी

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