वस्त्र मंत्रालय ने साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 15 राज्यों के साथ एमओयू किया
नई दिल्ली, 8 जनवरी (आईएएनएस)। वस्त्र मंत्रालय (एमओटी) ने गुवाहाटी में गुरुवार को आयोजित राष्ट्रीय वस्त्र मंत्री सम्मेलन के उद्घाटन दिवस पर 15 राज्यों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर करके साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है।
वस्त्र मंत्रालय और संबंधित राज्य सरकारों के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन "वस्त्र केंद्रित अनुसंधान, मूल्यांकन, निगरानी, योजना और स्टार्ट-अप (टेक्स-आरएएमपीएस)" योजना का हिस्सा हैं। केंद्र सरकार की यह योजना वस्त्र संबंधी सांख्यिकीय उत्पादों और अनुसंधान की व्यापकता, गुणवत्ता, समयबद्धता और विश्वसनीयता में सुधार लाने के लिए बनाई गई है।
इन समझौता ज्ञापनों के माध्यम से विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वस्त्र संबंधी डेटा प्रणालियों को सुदृढ़ करने के लिए एक मजबूत परिचालन ढांचा तैयार किया गया है।
टेक्स-आरएएमपीएस योजना के तहत, यह पहल क्लस्टर और जिला स्तर पर सीधे प्रयास केंद्रित करके हथकरघा, हस्तशिल्प, परिधान, तकनीकी वस्त्र आदि सहित प्रमुख क्षेत्रों के लिए एकीकृत योजना को बढ़ावा देती है।
इन संरचनात्मक सुधारों में सहयोग देने के लिए वस्त्र मंत्रालय प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश को प्रतिवर्ष 12 लाख रुपए का वित्तीय अनुदान प्रदान कर रहा है।
इसके अलावा, यह मानते हुए कि उद्योग की मूल शक्ति उसके क्षेत्रीय समूहों में निहित है, यह पहल जमीनी स्तर तक अपनी पहुंच बढ़ा रही है। इसमें प्रत्येक जिले के लिए प्रति वर्ष 1 लाख रुपए का अतिरिक्त अनुदान शामिल है, जिसका वितरण विशिष्ट जिला कार्य योजनाओं के विकास और कार्यान्वयन के आधार पर किया जाएगा।
वस्त्र मंत्रालय ने कहा कि ये समझौता ज्ञापन सहकारी संघवाद की भावना को दर्शाते हैं। सरकार का उद्देश्य वस्त्र सांख्यिकी प्रणाली को मजबूत करके मौजूदा आंकड़ों की कमियों को दूर करना और यह सुनिश्चित करना है कि 350 अरब अमेरिकी डॉलर के इस वस्त्र उद्योग की दिशा में आगे बढ़ने के मार्ग में ठोस और तात्कालिक जानकारियों की मदद मिलती रहे।
उद्घाटन सत्र में बोलते हुए केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि सरकार वस्त्र क्षेत्र में उत्पादन, निर्यात और स्थिरता में सामंजस्य स्थापित करने के लिए निरंतर और संतुलित ढंग से कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य भारत के वस्त्र उद्योग को सुदृढ़ बनाने के लिए एक मजबूत रोडमैप तैयार करने हेतु विचार-विमर्श, नवाचार और विचारों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना है।
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