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मिडिल ईस्ट तनाव का पर्यटन पर असर, एक्सक्लुसीव फुटेज में जानें रोजाना 5,500 करोड़ का नुकसान; पर्यटक बदल रहे हैं डेस्टिनेशन

मिडिल ईस्ट तनाव का पर्यटन पर असर, एक्सक्लुसीव फुटेज में जानें रोजाना 5,500 करोड़ का नुकसान; पर्यटक बदल रहे हैं डेस्टिनेशन

ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों और मिडिल-ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक पर्यटन उद्योग पर भी साफ दिखाई देने लगा है। लगातार जारी हमलों और अस्थिर हालात के कारण कई देशों में यात्रा योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। पर्यटन से जुड़े संगठनों का कहना है कि मौजूदा संकट के कारण दुनिया भर के टूर और ट्रैवल सेक्टर को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

पर्यटन क्षेत्र की वैश्विक संस्था World Travel & Tourism Council के अनुमान के मुताबिक ईरान से जुड़े इस संघर्ष की वजह से दुनियाभर के पर्यटन उद्योग को प्रतिदिन लगभग 5,500 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा जोखिम और उड़ानों के रूट बदलने से यात्रियों की संख्या में कमी आई है, जिसका सीधा असर एयरलाइंस, होटल और ट्रैवल एजेंसियों पर पड़ रहा है।

भारतीय यात्रियों पर भी असर

मिडिल-ईस्ट में बढ़े तनाव का असर भारतीय पर्यटकों की यात्रा योजनाओं पर भी देखने को मिल रहा है। आमतौर पर भारत से विदेश जाने वाले लगभग आधे यात्री मिडिल-ईस्ट के देशों की यात्रा करते हैं। इनमें बड़ी संख्या में लोग छुट्टियां मनाने या पर्यटन के लिए जाते हैं।

भारतीय पर्यटकों के पसंदीदा गंतव्यों में United Arab Emirates, Saudi Arabia, Qatar और Oman जैसे देश शामिल हैं। ट्रैवल इंडस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक इन देशों में जाने वाले भारतीय यात्रियों में से लगभग 40 प्रतिशत लोग पर्यटन के उद्देश्य से यात्रा करते हैं।

हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए अब कई भारतीय पर्यटक अपनी योजनाएं बदल रहे हैं। ट्रैवल एजेंसियों के अनुसार लोग मिडिल-ईस्ट के बजाय अब एशिया के अन्य सुरक्षित पर्यटन स्थलों के बारे में ज्यादा जानकारी ले रहे हैं।

एशियाई देशों की ओर बढ़ा रुझान

ट्रैवल कंपनियों के मुताबिक भारतीय पर्यटक अब Thailand, Malaysia और Japan जैसे देशों के लिए ज्यादा पूछताछ कर रहे हैं। इन देशों को फिलहाल अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जा रहा है, इसलिए पर्यटक अपने ट्रिप प्लान बदल रहे हैं।

इसके अलावा कई यात्रियों ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा के बजाय देश के भीतर ही घूमने का फैसला किया है। एयरलाइंस किराए में बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए लोग घरेलू पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

घरेलू पर्यटन में तेजी

ट्रैवल एजेंसियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में घरेलू पर्यटन स्थलों के लिए पूछताछ में लगभग 200 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पर्यटक अब देश के कई लोकप्रिय स्थानों की ओर रुख कर रहे हैं।

घरेलू स्तर पर जिन जगहों के लिए सबसे ज्यादा पूछताछ बढ़ी है, उनमें Kochi, Puri और Andaman and Nicobar Islands जैसे पर्यटन स्थल शामिल हैं। इन जगहों पर समुद्री तट, धार्मिक पर्यटन और प्राकृतिक सुंदरता के कारण पर्यटकों की दिलचस्पी बढ़ रही है।

यदि मिडिल-ईस्ट में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन उद्योग पर और भी ज्यादा पड़ सकता है। वहीं भारत में घरेलू पर्यटन को इससे अस्थायी बढ़ावा मिल सकता है, क्योंकि कई यात्री फिलहाल सुरक्षित और नजदीकी विकल्पों को चुन रहे हैं।

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