मेटल किंग अनिल अग्रवाल पर टूटा दुखों का पहाड़, बेटे अग्निवेश अग्रवाल के निधन से कारोबारी जगत शोक में
पटना की संकरी गलियों से निकलकर देश-दुनिया के शीर्ष उद्योगपतियों में शामिल होने वाले वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के जीवन में इस समय गहरा शोक छाया हुआ है। उनके इकलौते बेटे अग्निवेश अग्रवाल का 49 वर्ष की उम्र में अमेरिका में निधन हो गया है। स्कीइंग के दौरान हुए एक हादसे के बाद कार्डियक अरेस्ट से उनकी मौत की खबर सामने आई, जिसने न सिर्फ अग्रवाल परिवार बल्कि पूरे भारतीय कारोबारी जगत को झकझोर कर रख दिया है।
अनिल अग्रवाल ने अपने बेटे के निधन को अपने जीवन का “सबसे अंधकारमय दिन” बताया है। सोशल मीडिया और आधिकारिक बयान के जरिए उन्होंने अपने दुख को साझा करते हुए कहा कि यह ऐसा घाव है, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। एक पिता के रूप में बेटे को खोने का दर्द उनके लिए असहनीय है। उद्योग जगत के कई बड़े नामों ने इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है।
अग्निवेश अग्रवाल वेदांता ग्रुप की भावी पीढ़ी के प्रतिनिधि माने जाते थे। वे कारोबार से जुड़े कई अहम निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे और उन्हें एक सुलझे हुए, दूरदर्शी और जिम्मेदार कारोबारी के रूप में देखा जाता था। बताया जा रहा है कि अमेरिका में वे निजी समय के दौरान स्कीइंग कर रहे थे, तभी दुर्घटना का शिकार हो गए। हादसे के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और कार्डियक अरेस्ट के चलते उनका निधन हो गया।
अनिल अग्रवाल की जीवन यात्रा खुद संघर्ष, मेहनत और सफलता की मिसाल रही है। बिहार के पटना से निकलकर उन्होंने मेटल और माइनिंग सेक्टर में अपनी अलग पहचान बनाई और वेदांता ग्रुप को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया। ‘मेटल किंग’ के नाम से पहचाने जाने वाले अनिल अग्रवाल ने कारोबार की दुनिया में ऊंचाइयों को छुआ, लेकिन इस निजी क्षति ने उनके जीवन को गहरे शोक में डुबो दिया है।
कारोबारी विशेषज्ञों का मानना है कि अग्निवेश अग्रवाल का अचानक निधन न सिर्फ परिवार के लिए बल्कि वेदांता ग्रुप के लिए भी एक बड़ा भावनात्मक झटका है। हालांकि कंपनी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि समूह की व्यावसायिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रहेंगी, लेकिन इस समय पूरा संगठन शोक में डूबा हुआ है।

