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मेदोहर गुग्गुलु: मोटापे का काल है ये आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी, लिवर से लेकर जोड़ों के दर्द तक में लाभकारी

नई दिल्ली, 4 जनवरी (आईएएनएस)। देश में मोटापा एक बड़ी समस्या बन चुकी है और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों को इसे लेकर सजग कर चुके हैं। मोटापा एक सामान्य वजन बढ़ने की समस्या नहीं है, बल्कि कई खतरनाक बीमारियों की जड़ भी है। यह शरीर को कमजोर और रोगी बना देता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आयुर्वेद में मोटापे का समाधान है, जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं।
मेदोहर गुग्गुलु: मोटापे का काल है ये आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी, लिवर से लेकर जोड़ों के दर्द तक में लाभकारी

नई दिल्ली, 4 जनवरी (आईएएनएस)। देश में मोटापा एक बड़ी समस्या बन चुकी है और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों को इसे लेकर सजग कर चुके हैं। मोटापा एक सामान्य वजन बढ़ने की समस्या नहीं है, बल्कि कई खतरनाक बीमारियों की जड़ भी है। यह शरीर को कमजोर और रोगी बना देता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आयुर्वेद में मोटापे का समाधान है, जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं।

मेदोहर गुग्गुलु न केवल शरीर के बढ़ते वजन को कंट्रोल करके उसे घटाता है, बल्कि शरीर के मेटाबॉलिज्म को संतुलित करता है। मेदोहर गुग्गुलु मुख्यत: गुग्गुल वृक्ष की गोंद से लिया जाता है और इसमें अन्य जड़ी-बूटियों को मिलाकर मेदोहर गुग्गुलु तैयार होता है, जिसे मोटापे के अलावा कई अन्य बीमारियों में भी काम लिया जाता है।

मेदोहर गुग्गुलु में हरड़, बहेड़ा, सोंठ, काली मिर्च, पिप्पली, विडंग, चित्रकमूल और नागरमोथा जैसी जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है। ये सभी जड़ी-बूटियां मिलकर शरीर को कई तरह के लाभ देती हैं। जैसे हरड़, बहेड़ा और आंवला मिलकर पाचन तंत्र से जुड़ी परेशानियों को कम करते हैं और पेट की पाचन शक्ति को भी बढ़ाते हैं। वहीं त्रिकटु फैट मेटाबॉलिज्म और पाचन शक्ति को बढ़ाने और पेट साफ करने में भी सहायक है।

अब जानते हैं कि मेदोहर गुग्गुलु का सेवन शरीर को कितने फायदे पहुंचा सकता है। मेदोहर गुग्गुलु मुख्यत शरीर के वजन को नियंत्रित करता है और पेट और जांघों की चर्बी को कम करने में मदद करता है। सीमित मात्रा में सेवन किया जाए तो इसके दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिलते हैं।

दूसरा, ये शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और ट्राइग्लिसराइड्स को भी कम करने में मदद करता है। ट्राइग्लिसराइड्स में पाई जाने वाली वसा रक्त को दूषित करती है और उसे गाढ़ा भी बनाती है। ऐसे में हृदय से जुड़े रोगों का जोखिम बढ़ जाता है।

अगर घुटनों में दर्द या कमर दर्द की परेशानी है तो मेदोहर गुग्गुलु दर्द निवारक की तरह काम करता है. क्योंकि इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। ये शरीर के दर्द और सूजन को कम करते हैं। इसके अलावा अगर फैटी लिवर की परेशानी है तो भी ये असरकारक है। ये लिवर पर जमा फैट को काटने का काम करता है।

--आईएएनएस

पीएस/वीसी

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