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बसपा प्रमुख मायावती ने हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में पार्टी संगठन की समीक्षा की

लखनऊ, 5 जून (आईएएनएस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर इकाइयों की समीक्षा बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने तथा चुनावी सफलता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
बसपा प्रमुख मायावती ने हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में पार्टी संगठन की समीक्षा की

लखनऊ, 5 जून (आईएएनएस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर इकाइयों की समीक्षा बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने तथा चुनावी सफलता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से बहुजन समाज के लोगों को अपने वोट की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का आह्वान करते हुए कहा कि वोट की हिफाजत आत्मसम्मान, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के समान है। लखनऊ स्थित बसपा के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित बैठक में दोनों राज्यों की संगठनात्मक गतिविधियों और जनाधार विस्तार की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गई।

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के अधूरे मिशन को पूरा करने के लिए बहुजन समाज को एकजुट करना और बसपा को मजबूत बनाना समय की आवश्यकता है। बैठक में हिमाचल प्रदेश में हाल ही में संपन्न स्थानीय निकाय चुनावों के बाद बने राजनीतिक परिदृश्य पर भी चर्चा हुई।

पार्टी नेताओं ने दावा किया कि राज्य में कांग्रेस और भाजपा दोनों के प्रति जनता में असंतोष बढ़ रहा है, ऐसे में बसपा के सामने खुद को एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित करने का अवसर है। जम्मू-कश्मीर इकाई की समीक्षा के दौरान पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किए जाने में हो रही देरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। बैठक में कहा गया कि लंबे समय से लंबित इस मांग के कारण लोगों में निराशा बढ़ रही है तथा इसका असर क्षेत्र के विकास और जनजीवन पर भी पड़ रहा है।

मायावती ने कहा कि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में बहुजन समाज आज भी गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा और सामाजिक पिछड़ेपन जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सामाजिक न्याय और राजनीतिक भागीदारी के लिए संघर्ष को और तेज करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि बहुजन समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर लोकतांत्रिक ताकत को मजबूत बनाना होगा, तभी सामाजिक परिवर्तन और राजनीतिक भागीदारी का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।

--आईएएनएस

विकेटी/एसके

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