मौलाना शहाबुद्दीन ने मोहर्रम में कानून-व्यवस्था के लिए योगी सरकार को सराहा, अखिलेश पर साधा निशाना
बरेली, 27 जून (आईएएनएस)। बीते दिन शुक्रवार को मोहर्रम के जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। उत्तर प्रदेश में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना सामने नहीं आई। योगी सरकार की ओर से की गई सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की तैयारियों की इस्लामिक धर्मगुरु मौलाना शहाबुद्दीन ने सराहना की। साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा।
आईएएनएस से बातचीत में मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि मोहर्रम के अवसर पर ताजिए और जुलूस शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से निकाले गए। उन्होंने कहा कि पूरे देश, खासकर उत्तर प्रदेश में कहीं भी कोई समस्या नहीं हुई। न तो बिजली के तार हटाने की जरूरत पड़ी और न ही कहीं पेड़ों की शाखाएं काटनी पड़ीं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के कारण यह संभव हो सका। उन्होंने सरकार, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का आभार जताते हुए कहा कि सभी ने पूरे 10 दिनों तक मोहर्रम के दौरान व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए लगातार काम किया। मौलाना शहाबुद्दीन ने आगे कहा, "अगर आज अखिलेश यादव मुख्यमंत्री होते तो कई शहरों में फसाद हो चुके होते और कई शहर आग की लपटों में होते।"
इस बीच, गाजियाबाद जिले के ट्रांस हिंडन जोन के अंतर्गत फर्रुखनगर में मुहर्रम का ताजिया जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकाला गया। पुलिस और रैपिड रिस्पॉन्स फोर्स (आरआरएफ) ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। जुलूस के पूरे मार्ग पर निगरानी रखी गई और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया गया। पूरे जुलूस की वीडियोग्राफी भी कराई गई। अधिकारियों के अनुसार, कार्यक्रम बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुआ।
वहीं, मुरादाबाद जिले में 100 वर्ष से अधिक पुरानी 'कंबल ताजिया' परंपरा के तहत भी मुहर्रम के जुलूस निकाले गए। एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया था कि जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 518 ताजिया जुलूस और उनसे जुड़े कार्यक्रम प्रस्तावित थे। उन्होंने कहा था कि कई स्थानों पर कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो चुके हैं, जबकि शेष स्थानों पर जुलूस और अन्य कार्यक्रम जारी हैं या आयोजित किए जाने हैं।
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