Samachar Nama
×

Maulana Sajid Rashidi Statement: 10 बच्चे पैदा करने की अपील पर मचा विवाद, हिंदू-मुस्लिम परिवारों की तुलना
 

Maulana Sajid Rashidi Statement: 10 बच्चे पैदा करने की अपील पर मचा विवाद, हिंदू-मुस्लिम परिवारों की तुलना

इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी का बच्चों की संख्या को लेकर दिया गया बयान चर्चा में है। एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने हिंदुओं से कम से कम 10 बच्चे पैदा करने की अपील की। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस शुरू हो गई है।
मौलाना साजिद रशीदी हिंदुओं से ज्यादा बच्चे पैदा करने की अपील से जुड़े सवाल पर अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा कि मुस्लिम परिवारों में पांच या उससे ज्यादा बच्चे होना आम बात है और कुछ परिवारों में बच्चों की संख्या 10, 11 या 12 तक भी होती है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को भी कम से कम 10 बच्चों तक पहुंचना चाहिए।
बच्चों की संख्या पर क्या बोले मौलाना?
मौलाना रशीदी ने अपने बयान में हिंदू और मुस्लिम परिवारों में बच्चों की संख्या को लेकर तुलना की। उन्होंने कहा कि उनके धार्मिक विश्वास के अनुसार बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी ऊपर वाला देता है और माता-पिता उसके माध्यम होते हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि मुस्लिम परिवारों में बच्चों की शिक्षा और देखभाल की पहले से योजना बनाई जाती है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कई बच्चे बड़े होने के बाद अपने माता-पिता को वृद्धाश्रम भेज देते हैं और अपनी अलग जिंदगी जीते हैं।
‘महिला को बच्चा पैदा करने की मशीन क्यों?’
बयान के दौरान जब महिलाओं को सिर्फ बच्चे पैदा करने की मशीन समझे जाने को लेकर सवाल उठाया गया, तो मौलाना ने इसी संदर्भ में कहा कि अगर बच्चों की संख्या की बात हो रही है तो पांच की जगह 10 बच्चे क्यों नहीं होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस्लाम में बच्चे पैदा करने पर रोक लगाने की बात नहीं कही जा सकती। इसी टिप्पणी को लेकर अब परिवार नियोजन, महिलाओं की भूमिका और जनसंख्या जैसे मुद्दों पर नई बहस शुरू हो गई है।
पहले भी विवादों में रहे हैं मौलाना
मौलाना साजिद रशीदी इससे पहले भी अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। इस बार बच्चों की संख्या और हिंदू-मुस्लिम परिवारों की तुलना से जुड़ी उनकी टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
उनके बयान के बाद एक बार फिर जनसंख्या, परिवार नियोजन और धार्मिक मान्यताओं को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
 

Share this story

Tags