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मौलाना साजिद रशीदी के बयान पर नेताओं ने जताई आपत्ति, विहिप प्रवक्ता ने कार्रवाई की मांग की

मौलाना साजिद रशीदी के बयान पर नेताओं ने जताई आपत्ति, विहिप प्रवक्ता ने कार्रवाई की मांग की
मौलाना साजिद रशीदी के बयान पर नेताओं ने जताई आपत्ति, विहिप प्रवक्ता ने कार्रवाई की मांग की

नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। मौलाना साजिद रशीदी के इस्लामिक कानून और महिलाओं से जुड़े कथित बयान पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कड़ी आपत्ति जताते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

विनोद बंसल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि ऐसे मौलाना को भारत से बाहर कर देना चाहिए। ऐसी मानसिकता भारत में रहने लायक नहीं है। ऐसे मौलाना भारतीय संविधान को नहीं मानते हैं, भारत के विचार को नहीं मानते हैं, और भारत की नारी की स्वतंत्रता की बात नहीं करते; वे शरीयत को लागू करना चाहते हैं। ऐसे मौलाना पर निःसंदेह एक कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। इसकी दो ही जगहें हैं, या तो जेल के अंदर या फिर सीमा के बाहर। ऐसे मौलाना को तुरंत खदेड़ देना चाहिए। वे रहने लायक नहीं हैं।

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि दुष्कर्म जैसे अपराधों को रोकने के लिए बेटियों की कम उम्र में शादी की सलाह देना समाधान नहीं है। अपराधियों को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। भारत संविधान के अनुसार चलेगा, और देश में सभी नागरिकों को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता है। आपराधिक मामलों में कानून सभी के लिए समान होना चाहिए।

उन्होंने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की अपील की। अपराधी की पहचान उसके धर्म से नहीं, बल्कि उसके अपराध से होनी चाहिए।

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि पार्टी मौलाना साजिद रशीदी के बयान पर टिप्पणी नहीं करनी चाहती। देश बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान से चलता है और सभी को संविधान पर विश्वास एवं भरोसा रखना चाहिए। किसी व्यक्ति पर अपराध का आरोप लगने के बाद न्यायपालिका के माध्यम से मामले की सुनवाई होती है और दोष साबित होने पर कानून के अनुसार सजा दी जाती है।

सपा नेता राम प्रसाद चौधरी ने मौलाना साजिद रशीदी के बयान को गलत बताया। उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और यह देश संविधान के अनुसार चलता है। भारत में सभी धर्मों का सम्मान किया जाना चाहिए और किसी भी मुद्दे का समाधान संविधान एवं कानून के दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए।

--आईएएनएस

डीकेएम/डीकेपी

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