मतदाता सूची में गड़बड़ी पर स्पष्ट हो चुकी है स्थिति, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे: रामदास अठावले
नवी मुंबई, 3 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्यमंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के अध्यक्ष रामदास अठावले ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके के आंदोलन और सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हर बार किसी अधिकारी के इस्तीफे की मांग करना उचित नहीं है। इस दौरान अठावले ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के पक्ष में नहीं है।
अभिजीत दीपके के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रामदास अठावले ने कहा कि आंदोलनकारी इशारे तो देते हैं, लेकिन केवल इशारों से कोई समाधान नहीं निकलेगा। एक बार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के रूप में आंदोलनकारियों को सफलता मिली है, लेकिन हर बार इसी तरह की सफलता मिले, यह जरूरी नहीं है। अठावले ने अपने आंदोलन के दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि जब वे भी आंदोलन करते थे तो पुलिस ने कई बार उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अगर लगातार इस तरह के इशारे दिए जाते रहेंगे और पुलिस अपना काम करती रहेगी तो आंदोलनकारियों को समझ आएगा कि आंदोलन क्या होता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की जा रही बयानबाजी पर भी आपत्ति जताई। अठावले ने कहा कि प्रधानमंत्री देश के प्रधानमंत्री हैं और उनसे अपनी मांगें रखना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इस तरह की बयानबाजी करना कि ऐसा होगा या वैसा होगा, उचित नहीं है। दिपके को इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अठावले ने कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगे और आंदोलनकारियों को जितना आंदोलन करना है, वे कर सकते हैं।
रामदास अठावले ने कहा कि उनकी पार्टी का स्पष्ट मत है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा नहीं देना चाहिए। मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर आरोप लगाए गए हैं, लेकिन ज्ञानेश कुमार ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट की है। अगर किसी मतदाता का नाम गलती से या मतदाता सूची तैयार करने की स्थानीय प्रक्रिया के दौरान हट गया है, तो संबंधित व्यक्ति को अपना नाम दोबारा जुड़वाने का अधिकार है। इसके लिए प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। ऐसे में फिलहाल ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने की जरूरत नहीं है।
रामदास अठावले ने महाराष्ट्र सरकार में आरपीआई को अपेक्षित राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिलने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को न तो एमएलसी की सीट मिल रही है और न ही विधानसभा में जगह मिली है। उन्होंने मांग की कि आने वाले कॉरपोरेशन में कम से कम दो चेयरमैन पद आरपीआई को दिए जाएं। इसके अलावा राज्यपाल कोटे से होने वाली पांच एमएलसी नियुक्तियों में से कम से कम एक सीट आरपीआई को देने की मांग उन्होंने रखी।
अठावले ने आगे कहा कि आने वाली विभिन्न कमेटियों में भी आरपीआई कार्यकर्ताओं को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला, तालुका और राज्य स्तर की कमेटियों में पार्टी के कार्यकर्ताओं को उचित भागीदारी मिलनी चाहिए।
--आईएएनएस
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