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मतदाता सूची में एक भी नाम न छूटे, लोकतांत्रिक अधिकार की रक्षा करें: हेमंत सोरेन

रांची, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने बुधवार को दूसरे दिन पार्टी के 12 जिलों के पदाधिकारियों, सांसदों और विधायकों के साथ एसआईआर (मतदाता सूची पुनरीक्षण) पर विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में हुई बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और आगामी जनगणना जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मतदाता सूची में एक भी नाम न छूटे, लोकतांत्रिक अधिकार की रक्षा करें: हेमंत सोरेन

रांची, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने बुधवार को दूसरे दिन पार्टी के 12 जिलों के पदाधिकारियों, सांसदों और विधायकों के साथ एसआईआर (मतदाता सूची पुनरीक्षण) पर विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में हुई बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और आगामी जनगणना जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि हर योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में जुड़वाना, त्रुटियों को ठीक कराना और किसी भी पात्र मतदाता को छूटने नहीं देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का सवाल है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जागरूकता बढ़ाने और भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि एक भी वोटर छूटना नहीं चाहिए।

बैठक में देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर भी चर्चा हुई। बिहार और बंगाल सहित विभिन्न राज्यों में हुए एसआईआर को ध्यान में रखते हुए हेमंत सोरेन ने संगठन को बूथ से लेकर जिला स्तर तक मजबूत करने और हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान राजनीतिक माहौल में संगठन की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

उन्होंने बूथ, पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर पार्टी ढांचे को और सशक्त बनाने पर जोर दिया, ताकि हर स्तर पर प्रभावी भूमिका निभाई जा सके। साथ ही नगर और महानगर कमेटियों को भी अधिक सक्रिय और धारदार बनाने की बात कही।

बैठक के दौरान झामुमो पदाधिकारियों ने एसआईआर के पीछे भाजपा की नीयत और नीति पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि भाजपा SIR की आड़ में आदिवासी, मूलवासी, पिछड़े और वंचित समाज के मताधिकार को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है, जिससे उन्हें राशन कार्ड और पेंशन जैसे अधिकारों से भी वंचित किया जा सकता है।

बैठक में मौजूद नेताओं ने एक स्वर में कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता जनहित और संगठन की मजबूती के लिए पूरी तत्परता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने को तैयार है।

--आईएएनएस

डीएससी

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