मासिक शिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ अभिजीत मुहूर्त, नोट कर लें भद्रा व राहुकाल
नई दिल्ली, 14 मई (आईएएनएस)। देवाधिदेव महादेव और माता पार्वती की आराधना को समर्पित विशेष पर्व मासिक शिवरात्रि है। प्रत्येक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि के नाम से जाना जाता है। ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी मासिक शिवरात्रि शुक्रवार को है।
त्रयोदशी तिथि 8 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि लग जाएगी जो अगले दिन यानी 16 मई की सुबह 5 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। इस दिन शिव-शक्ति की उपासना का विशेष महत्व है। भक्त घर पर या मंदिर में शिवलिंग का अभिषेक, रुद्राभिषेक, बेलपत्र, फूल, धूप-दीप और मंत्र जाप के साथ पूजा करना फलदायी माना जाता है।
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा सभी बाधाओं को दूर करती है और भक्तों को सौभाग्य, स्वास्थ्य व शांति प्रदान करती है। वहीं, जिन लोगों की विवाह में अड़चने आ रही हों उन्हें भी यह व्रत करने से मनचाहे जीवनसाथी मिलने की मान्यता है।
शुक्रवार के शुभ योग और मुहूर्त की बात करें तो इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5 बजकर 30 मिनट से शाम 8 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। यह समय किसी भी शुभ कार्य के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 7 मिनट से 4 बजकर 49 मिनट तक, अमृत काल दोपहर 1 बजकर 44 मिनट से 3 बजकर 11 मिनट तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 33 मिनट से 3 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। वहीं, गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजकर 3 मिनट से 7 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।
मासिक शिवरात्रि पर सूर्योदय 5 बजकर 30 मिनट पर होगा व सूर्यास्त शाम 7 बजकर 5 मिनट पर होगा। नक्षत्र अश्विनी शाम 8 बजकर तक रहेगा। करण वणिज सुबह 8 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। योग आयुष्मान दोपहर 2 बजकर 21 मिनट तक रहेगा।
अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल सुबह 10 बजकर 36 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। यमगंड दोपहर 3 बजकर 41 मिनट से शाम 5 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। वहीं, भद्रा सुबह 8 बजकर 31 मिनट से शाम 6 बजकर 54 मिनट तक रहेगी। इस दौरान कोई नया काम शुरू करना या महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ नहीं माना जाता है।
--आईएएनएस
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