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वैश्विक दबाव के बीच सपाट खुला बाजार, सेंसेक्स 478 अंक उछला; निफ्टी में 0.56 प्रतिशत की तेजी

वैश्विक दबाव के बीच सपाट खुला बाजार, सेंसेक्स 478 अंक उछला; निफ्टी में 0.56 प्रतिशत की तेजी
वैश्विक दबाव के बीच सपाट खुला बाजार, सेंसेक्स 478 अंक उछला; निफ्टी में 0.56 प्रतिशत की तेजी

मुंबई, 4 नवंबर (आईएएनएस)। लगातार चार कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को हल्की कमजोरी के साथ शुरुआत की। एशियाई बाजारों में आईटी शेयरों पर दबाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर बढ़ते खर्च को लेकर चिंताओं के बीच वैश्विक संकेत मिश्रित रहे, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला।

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 64.74 अंक या 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,853.11 पर खुला। वहीं निफ्टी 68.60 अंक या 0.29 प्रतिशत फिसलकर 23,742.25 पर कारोबार की शुरुआत की।

हालांकि बाद के कारोबार में दोनों बेंचमार्कों में और तेजी दर्ज की गई। दिन के कारोबार में एक समय सेंसेक्स 478.18 अंक या 0.62 प्रतिशत उछलकर 77,96.04 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 135.5 अंक या 0.56 प्रतिशत चढ़कर 23,46.35 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

सेक्टोरल आधार पर बाजार का रुख मिला-जुला रहा। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी आईटी सूचकांक में 0.79 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा मेटल, ऊर्जा, प्राइवेट बैंक और पीएसयू बैंक शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली।

हालांकि हेल्थकेयर और फार्मा शेयरों ने बाजार को कुछ सहारा दिया। निफ्टी 500 हेल्थकेयर, निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स और निफ्टी फार्मा सूचकांक में 0.23 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई, जिससे इस क्षेत्र में निवेशकों की रुचि बनी रही।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के रुख में बदलाव ने निवेशकों की धारणा को सकारात्मक बनाया है। पिछले छह कारोबारी सत्रों में से पांच में एफआईआई खरीदार रहे हैं और उन्होंने कुल 18,661 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, पिछले दो वर्षों से एफआईआई की लगातार बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही थी, लेकिन अब स्थिति बदलती दिखाई दे रही है। मजबूत कॉर्पोरेट नतीजे और लार्जकैप शेयरों का आकर्षक मूल्यांकन बाजार को बुनियादी समर्थन प्रदान कर रहा है। वहीं एआई थीम-आधारित वैश्विक निवेशों में नरमी ने भी विदेशी निवेशकों की वापसी में मदद की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा तेजी का नेतृत्व मुख्य रूप से लार्जकैप कंपनियां कर सकती हैं, विशेषकर वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में अभी भी आगे बढ़ने की गुंजाइश बनी हुई है। शॉर्ट कवरिंग भी बाजार को समर्थन दे सकती है।

तकनीकी दृष्टि से निफ्टी अभी भी अपने 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) 23,196 के ऊपर कारोबार कर रहा है। आरएसआई 66.59 पर है, जो बाजार में मजबूती दर्शाता है। हालांकि इस स्तर पर मुनाफावसूली से इनकार नहीं किया जा सकता।

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,500-23,600 का क्षेत्र निकटतम समर्थन स्तर है, जबकि 24,000-24,200 का दायरा प्रमुख प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) क्षेत्र माना जा रहा है। 23,904 के आसपास स्थित 200-दिवसीय ईएमए एक मध्यवर्ती बाधा के रूप में काम कर सकता है।

मंगलवार को एफआईआई ने लगातार तीसरे सत्र में खरीदारी जारी रखते हुए 6,836 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीद दर्ज की थी। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने लगातार तीसरे दिन बिकवाली जारी रखी और 3,678 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

वैश्विक स्तर पर अमेरिकी बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए। नैस्डैक में मजबूती देखने को मिली क्योंकि एआई क्षेत्र की बड़ी कंपनियों में खरीदारी लौटी। हालांकि कमजोर तिमाही नतीजों के बाद एप्पल के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि एफआईआई की लगातार खरीदारी, मजबूत कॉर्पोरेट आय और घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती बाजार को समर्थन दे रही है। हालांकि वैश्विक तकनीकी शेयरों में उतार-चढ़ाव और मुनाफावसूली की संभावना के चलते निकट अवधि में बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।

--आईएएनएस

डीबीपी

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