मराठा आरक्षण पर 500 करोड़ के आरोप को गिरीश महाजन ने नकारा, बोले- दावे में कोई सच्चाई नहीं
जलगांव, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल द्वारा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर 500 करोड़ रुपए की कथित लेन-देन को लेकर लगाए गए आरोपों पर मंत्री गिरीश महाजन ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस बयान में कोई तथ्य या सच्चाई नहीं है। संभव है कि जरांगे पाटिल को किसी ने गलत जानकारी दी हो। उन्होंने आरोपों के समर्थन में सबूत देने की चुनौती पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यदि चुनौती दी गई है, तो सबूत भी प्रस्तुत किए जाने चाहिए।
गिरीश महाजन ने कहा कि जरांगे पाटिल ने बहुत बड़ा बयान दिया है, लेकिन जिस कथित घटना की बात की जा रही है, वह अगर ढाई या दो साल पहले हुई थी, तो इस पर अब बयान क्यों दिया गया। मुझे लगता है कि जरांगे पाटिल को गलत जानकारी दी गई है, ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। महाजन ने मराठा आरक्षण के मुद्दे पर पिछली सरकारों और मौजूदा सरकार के फैसलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2014 से 2019 के बीच देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री रहने के दौरान भी मराठा समाज को आरक्षण दिया गया था और समाज के लोगों के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री रहने के दौरान सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण आरक्षण को लेकर परेशानी हुई। एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी सरकार ने फिर से आरक्षण दिया और सारथी के माध्यम से जरूरतमंद विद्यार्थियों तथा नौकरी चाहने वाले लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराईं। जरांगे पाटिल के आंदोलन के बाद मराठा समाज की कई मांगें स्वीकार की गईं और लोगों को इसका लाभ मिला। महाजन ने स्पष्ट किया कि भाजपा का जिक्र किए जाने के कारण उन्हें इस मामले में सफाई देनी पड़ी। उन्होंने 500 करोड़ रुपए के कथित लेन-देन के दावे को भी बेबुनियाद बताया।
किसानों को आर्थिक सहायता देने के मुद्दे पर महाजन ने कहा कि फिलहाल दी जा रही राशि अग्रिम मदद है। सूखे और फसलों को हुए भारी नुकसान के बाद खेतों का पंचनामा किया गया है। सभी आंकड़े सामने आने और खेतों में हुए नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद किसानों को पूरी सहायता दी जाएगी। दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान किसानों को आर्थिक मदद की जरूरत है। इसी वजह से शुरुआती सहायता देने का फैसला किया गया है। महाजन ने भरोसा दिलाया कि आंकड़े सामने आने के बाद पूरी मदद सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उन्हें संकट के समय अकेला नहीं छोड़ेगी।
नासिक कुंभ मेले को लेकर महाजन ने बताया कि 31 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 2 मिनट पर ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के साथ कुंभ की शुरुआत होगी। समारोह में राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, कुछ केंद्रीय नेताओं और देशभर से आने वाले साधु-संतों तथा महंतों के शामिल होने की बात कही गई है।
--आईएएनएस
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