भारतीय मजदूर संध के प्रतिनिधियों से मिले केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, कहा- मांगों पर विचार करेगी सरकार
नई दिल्ली, 6 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से मुलाकात की और अपनी मांगों को रखा।
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा कि संघ की कुछ प्रमुख मांगे हैं, जिसमें ईपीएफ 95 में मजदूरों और पेंशनर्स की न्यूनतम पेंशन बढ़ाना, देश में लेबर कॉन्फ्रेंस का आयोजन करना, ठेका मजदूरों को समान वेतन और कॉन्ट्रैक्टर्स की ओर से वेतन में कट लेना आदि शामिल हैं।
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय मजदूर संघ की ओर से जो भी मांगे रखी गई हैं, वे सकारात्मक हैं और मंत्रालय उस पर विचार करेगा।
साथ ही मांडविया ने कहा कि सरकार ने नए लेबर कोड के जरिए समान वेतन को सुनिश्चित किया है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय महामंत्री रवीन्द्र हिमते ने कहा कि हमारा संघ की मजदूरों को लेकर कई मांगे हैं, जिसमें ईपीएफ 95 की एक अहम मांग शामिल है।
उन्होंने विस्तार से बताया कि हमारा मांग है कि ईपीएफ 95 में पेंशन की जो लिमिट मौजूदा समय 1,000 रुपए है। उसे बढ़ाना चाहिए और इसे डीए के साथ भी जोड़ना चाहिए।
इसके अलावा ईएसआईसी की मौजूदा 21,000 रुपए की लिमिट को बढ़ाने, ईपीएफओ की 15,000 रुपए की लिमिट को बढ़ाने और बोनस की 7,000 रुपए की लिमिट को बढ़ाने की मांग रखी गई है।
भारतीय मजदूर संघ अखिल भारतीय संगठन मंत्री बी सुरेंद्रन ने कहा कि हमने मुख्य रूप से ईपीएफ 95 में पेंशन के हजार रुपए से बढ़ाने की मांग रखी है। इससे सीधे तौर पर 82 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा होगा। इसके साथ हमने लेबर कॉन्फ्रेंस की भी मांग रखी है। इसके अलावा हमने ईएसआईसी, ईपीएफओ और बोनस की लिमिट को बढ़ाने की मांग की है। इससे बड़े स्तर पर देश के सभी मजदूरों को फायदा होगा।
--आईएएनएस
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