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मनोज मुंतशिर को भा गई 'चिरैया', बोले- शादी लाइसेंस नहीं है, समाज को संवेदनशील होना पड़ेगा

मुंबई, 4 मई (आईएएनएस)। गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर का मानना है कि वह आमतौर पर फिल्मों या वेब सीरीज की सिफारिश नहीं करते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीमिंग वेब सीरीज ‘चिरैया’ को खास तौर पर देखने की सलाह दी है।
मनोज मुंतशिर को भा गई 'चिरैया', बोले- शादी लाइसेंस नहीं है, समाज को संवेदनशील होना पड़ेगा

मुंबई, 4 मई (आईएएनएस)। गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर का मानना है कि वह आमतौर पर फिल्मों या वेब सीरीज की सिफारिश नहीं करते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीमिंग वेब सीरीज ‘चिरैया’ को खास तौर पर देखने की सलाह दी है।

उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह शो देखना जरूरी है। मुंतशिर ने स्पष्ट किया कि इस शो से उनका कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं है। उन्होंने लिखा कि बेतुके क्राइम और घटिया कॉमेडी शोज की भीड़ में ‘चिरैया’ ने घर, परिवार और समाज की सच्ची कहानी पर ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि कला और कलम का भी समाज के प्रति उत्तरदायित्व होता है।

गीतकार ने ‘तारे जमीन पर’, ‘3 इडियट्स’ और ‘पिंक’ जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन फिल्मों ने सामाजिक मुद्दों को खुलकर उठाया। अब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को भी अपनी सामाजिक जवाबदेही समझनी चाहिए। मनोज मुंतशिर ने ‘चिरैया’ के लेखक दिव्यनिधि शर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि दिव्य हमारे समय के सशक्त लेखकों में से एक हैं। उन्होंने अपनी कलम से अपना धर्म निभाया है। निर्देशक शशांत शाह के काम की भी उन्होंने सराहना की और कहा कि उनका निर्देशन संवेदनशीलता की नई मिसाल पेश करता है। हर सीन ऐसा लगता है कि लेखक और निर्देशक ने खुद उसे जिया है।

अभिनेत्री प्रसन्ना की प्रशंसा करते हुए मनोज मुंतशिर ने लिखा कि वह दिव्या दत्ता जैसी दमदार अभिनेत्री के सामने भी बखूबी टिक रही हैं। इन बेहतरीन कलाकारों के साथ सीरीज अपना मजबूत संदेश देने में सफल रही। उन्होंने बताया कि ‘चिरैया’ ‘औरत ही औरत की दुश्मन है’ जैसे सदियों पुराने मुहावरे को चुनौती देती है और उसे तोड़ती है।

यह शो देवरानी-जेठानी के रिश्ते को नया और सकारात्मक मोड़ देता है। मनोज मुंतशिर ने कहा कि ‘भाभी’ जैसे पवित्र रिश्ते को अश्लील गीतों में गलत तरीके से पेश किए जाने का दुख इस शो में मरहम की तरह काम करता है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि शादी कोई लाइसेंस नहीं है। समाज को अभी भी यह छोटी-सी बात समझने में समय लग रहा है। ‘चिरैया’ हमें एक बेहतर, ज्यादा संवेदनशील और जिम्मेदार व्यक्ति तथा समाज बनाने की प्रेरणा देती है। हालांकि, मनोज मुंतशिर ने स्वीकार किया कि कुछ सीन विचलित कर सकते हैं लेकिन जिंदगी चॉकलेट गिफ्ट पैक नहीं है। कड़वे सच का सामना करना जरूरी है। उन्होंने अंत में लिखा- हाइली रिकमंडेड ‘चिरैया’।

--आईएएनएस

एमटी/पीएम

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