मणिपुर शांति वार्ता : मुख्यमंत्री ने कूकी-जो काउंसिल को गुवाहाटी बैठक के लिए भेजा औपचारिक आमंत्रण, 21 मार्च को होगी बैठक
इंफाल, 20 मार्च (आईएएनएस)। मणिपुर में लंबे समय से चली आ रही जातीय अशांति और हिंसा को समाप्त करने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मणिपुर सरकार ने कूकी-जो काउंसिल को मुख्यमंत्री के साथ शांति वार्ता के लिए औपचारिक आमंत्रण भेजा है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा 17 मार्च 2026 को जारी पत्र के अनुसार, यह बैठक 21 मार्च 2026 (शनिवार) को गुवाहाटी, असम में प्रस्तावित है।
पत्र कूकी-जो काउंसिल के अध्यक्ष हेनलियानथांग थांगलेट को संबोधित है। इसमें कहा गया है कि बैठक का मुख्य उद्देश्य मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करना है। राज्य मई 2023 से मैतेई और कूकी-जो समुदायों के बीच जातीय संघर्ष से जूझ रहा है, जिसमें 250 से अधिक मौतें हुईं और 60,000 से ज़्यादा लोग विस्थापित हुए। मुख्यमंत्री ने काउंसिल के अध्यक्ष के साथ अन्य सदस्यों की उपस्थिति का अनुरोध किया है और बैठक में भागीदारी की पुष्टि मांगी है।
यह पहल राज्य सरकार द्वारा हितधारकों को शामिल कर संवाद बढ़ाने के चल रहे प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है। नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शांति बहाली पर जोर दिया है। हाल ही में केंद्र और राज्य स्तर पर कई प्रयास हुए हैं, जैसे असम में कूकी और हमार समूहों के साथ समझौते, लेकिन मणिपुर में कूकी-ज़ो समुदाय अलग प्रशासन या यूनियन टेरिटरी की मांग पर अड़ा हुआ है। काउंसिल ने पहले कई बार सरकारी प्रस्तावों को खारिज किया था, लेकिन यह आमंत्रण पहली बार मुख्यमंत्री स्तर पर सीधा संवाद का अवसर प्रदान करता है।
मणिपुर में हिंसा के बाद से कूकी-जो क्षेत्रों में अलगाव बढ़ा है, जहां मैतेई समुदाय के लोग नहीं जा पाते और विपरीत भी। मुख्यमंत्री ने हाल ही में अंतर-समुदाय विश्वास बहाली को शांति की कुंजी बताया था। गुवाहाटी बैठक यदि सफल होती है, तो यह विश्वास बहाली और सड़कों-हाईवे खोलने जैसे मुद्दों पर प्रगति ला सकती है। काउंसिल की प्रतिक्रिया का इंतजार है, क्योंकि वे पहले केंद्र से लिखित प्रतिबद्धता मांगते रहे हैं।
--आईएएनएस
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