मणिपुर में असम राइफल्स का सर्च ऑपरेशन : सेना, बीएसएफ और पुलिस के साथ मिलकर उग्रवादियों के खिलाफ कार्रवाई तेज
इंफाल, 15 जुलाई (आईएएनएस)। मणिपुर में उग्रवाद विरोधी अभियान को और तेज करते हुए असम राइफल्स ने भारतीय सेना, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और मणिपुर पुलिस के साथ मिलकर एक बड़ा संयुक्त सर्च और सैनिटाइजेशन ऑपरेशन चलाया। यह अभियान मंगलवार की सुबह उखरूल जिले के टीएम कासोम इलाके में चलाया गया।
असम राइफल्स के अनुसार, यह संयुक्त अभियान हाल ही में राष्ट्रीय राजमार्ग-202 पर शांगशाक के पास नुंगशांग क्षेत्र में राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा किए गए घात लगाकर हमले (अंबुश) के बाद शुरू किया गया। सुरक्षा बलों का उद्देश्य पूरे इलाके को पूरी तरह सुरक्षित बनाना, संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाना और उग्रवादियों के खिलाफ कार्रवाई को और मजबूत करना है।
इस अभियान में असम राइफल्स, भारतीय सेना, बीएसएफ और मणिपुर पुलिस ने आपसी तालमेल के साथ इलाके की गहन तलाशी ली और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक सैनिटाइजेशन अभियान चलाया। सुरक्षा एजेंसियां लगातार इस क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए हैं ताकि भविष्य में किसी भी तरह की राष्ट्रविरोधी गतिविधि को रोका जा सके।
इससे पहले 30 जून को भी असम राइफल्स ने सिविल प्रशासन और मणिपुर पुलिस के साथ मिलकर मणिपुर के सीमावर्ती कामजोंग जिले में म्यांमार से आए विस्थापित नागरिकों की पहचान, सत्यापन और बायोमेट्रिक पंजीकरण के लिए एक संयुक्त अभियान शुरू किया था।
रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने उस समय बताया कि यह पहल सीमा प्रबंधन को मजबूत करने और म्यांमार से आए विस्थापित लोगों तक नियंत्रित और व्यवस्थित मानवीय सहायता पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पूर्वी मणिपुर का कामजोंग जिला म्यांमार के साथ बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है।
जिला प्रशासन के निर्देशों के तहत चलाए गए उस अभियान में 40 अधिकारियों और कर्मियों की संयुक्त टीम शामिल थी। इसमें नागरिक प्रशासन, पुलिस, चिकित्सा विभाग और असम राइफल्स के जवानों ने मिलकर विस्थापित लोगों की पहचान का सत्यापन किया, उनका बायोमेट्रिक डेटा दर्ज किया और उनकी जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफिक) जानकारी का दस्तावेजीकरण किया था।
--आईएएनएस
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