मणिपुर के बिष्णुपुर में बम हमले में दो बच्चों की मौत के बाद सीएम ने कड़ी कार्रवाई का दिया भरोसा
इंफाल, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनम खेमचंद सिंह ने मंगलवार को कहा कि बिष्णुपुर जिले में दो बच्चों की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी और उनके साथ कानून के अनुसार सख्ती से निपटा जाएगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इंफाल के एक निजी अस्पताल का दौरा किया, ताकि उस घायल महिला की स्थिति का जायजा लिया जा सके। उसकी पांच साल के बेटे और पांच महीने की बेटी की कथित तौर पर संदिग्ध हथियारबंद उग्रवादियों द्वारा बम हमले में मौके पर ही मौत हो गई थी।
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री ने लिखा: "मंगलवार सुबह राज मेडिसिटी का दौरा किया, ताकि उस घायल माँ की हालत का जायजा लिया जा सके, जिसने सोमवार रात ट्रोंगलाओबी अवांग लीकाई, मोइरांग में हुए जघन्य हमले में दुखद रूप से अपने दो बच्चों को खो दिया।"
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायल महिला को उच्चतम स्तर की चिकित्सा सुविधा और पूरा सहयोग सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा: "यह बर्बर कृत्य मानवता पर हमला है और मणिपुर की कड़ी मेहनत से हासिल की गई शांति को भंग करने का जान-बूझकर किया गया प्रयास है। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी और कानून के अनुसार उनके साथ सख्ती से निपटा जाएगा। आतंकवाद के ऐसे कृत्य बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।"
मुख्यमंत्री सिंह ने कहा, "राज्य सरकार हर नागरिक की सुरक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वे एकजुट रहें और उन ताकतों के खिलाफ मजबूती से खड़े हों जो हमारे सामूहिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।"
उन्होंने मंगलवार तड़के बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी अवांग लीकाई में संदिग्ध हथियारबंद उग्रवादियों द्वारा किए गए "कायरतापूर्ण बम हमले" की कड़ी निंदा की। इस हमले में पांच साल के एक लड़के और पांच महीने की एक लड़की की मौत हो गई और उनकी मां घायल हो गई।
सीएम के अनुसार, मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार इस जघन्य अपराध में शामिल अपराधियों का पता लगाएगी और जल्द न्याय सुनिश्चित करेगी।
उन्होंने कहा कि जब भी राज्य में शांति और अमन-चैन बहाल करने के प्रयास किए जाते हैं, तो हिंसा की घटनाएं सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग निहित स्वार्थ के कारण शांति प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं, खासकर तब जब राज्य धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी आशंका जताई कि यह ताज़ा हिंसा दो महीने पुरानी सरकार को अस्थिर करने के उद्देश्य से की गई हो सकती है, जो लगभग एक साल के राष्ट्रपति शासन के बाद केंद्र द्वारा गठित हुई थी।
शांति की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी समुदायों, जातियों और धर्मों के लोगों से आग्रह किया कि वे हिंसा को नकारें। उन्होंने जनता से यह भी कहा कि बंद, नाकेबंदी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों से दूर रहें। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे कार्यों से नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ेंगी।
इस घटना में कम से कम दो बच्चों की मौत हो गई और उनकी मां घायल हो गई। आरोप है कि यह बम हमला संदिग्ध कूकी उग्रवादियों ने किया। इंफाल के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध कूकी उग्रवादियों ने रात लगभग 1 बजे ट्रोंगलाओबी अवांग लीकाई गांव में एक घर पर शक्तिशाली बम गिराया। इस धमाके में पाँच साल के लड़के और पांच महीने की बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। बच्चों की मां को भी चोटें आईं। बताया गया कि बम गिरने के समय तीनों सो रहे थे, जिससे घर के कई हिस्सों को भारी नुकसान हुआ।
ट्रोंगलाओबी अवांग लीकाई गांव चुराचांदपुर जिले के पास पहाड़ी इलाके में स्थित है, जहां कूकी-ज़ो समुदाय के लोग रहते हैं। 2023 और 2024 में जातीय हिंसा के चरम के दौरान इस इलाके में कई गोलीबारी की घटनाएं हुई थीं। यह क्षेत्र पहाड़ी चौकियों के पास होने के कारण लंबे समय से संवेदनशील माना जाता है। इन चौकियों पर कथित तौर पर सशस्त्र कूकी उग्रवादी समूह सक्रिय हैं।
घटना के बाद गुस्साए निवासियों ने सड़कों को जाम कर दिया और चुराचांदपुर जिले की ओर जा रहे तीन ट्रकों में आग लगा दी, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया। बिष्णुपुर और घाटी के अन्य जिलों में स्थिति अभी भी बहुत तनावपूर्ण बनी हुई है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में सुरक्षा बलों की बड़ी टुकड़ी को इलाके में तैनात किया गया है। हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है।
इस बीच, स्थानीय भाजपा विधायक शांति सिंह ने मोइरांग ट्रोंगलाओबी गांव में हुए "बर्बर हमले" की कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि इसमें "कूकी नार्को-आतंकवादियों" का हाथ है।
उन्होंने कहा, "यह जघन्य कृत्य आतंकवाद से कम नहीं है। ऐसे अमानवीय कृत्यों के लिए हमारे समाज में कोई जगह नहीं है और कड़े शब्दों में इसकी निंदा की जानी चाहिए।"
--आईएएनएस
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