ई-रिक्शा के बकाया भुगतान को लेकर शराब पिलाकर की हत्या, पुलिस ने किया ब्लाइंड मर्डर का खुलासा
ई-रिक्शा के बकाया भुगतान को लेकर की गई एक सुनियोजित हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। यह मामला शुरुआत में पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर बना हुआ था, लेकिन पुलिस की गहन जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी ने पहले मृतक को शराब पिलाई और फिर उसकी जान ले ली।
पुलिस के अनुसार, मृतक ई-रिक्शा चलाकर अपनी आजीविका चलाता था और आरोपी से उसका लंबे समय से पैसों का लेन-देन चल रहा था। आरोपी ने मृतक से ई-रिक्शा के किराए और अन्य खर्चों के एवज में बकाया राशि लेनी थी। कई बार मांग करने के बावजूद भुगतान न मिलने से आरोपी के मन में गहरी नाराजगी पैदा हो गई थी, जो धीरे-धीरे रंजिश में बदल गई।
घटना वाले दिन आरोपी ने मृतक को बहाने से मिलने बुलाया। दोनों ने साथ बैठकर शराब पी, ताकि किसी को शक न हो। शराब के नशे में जब मृतक पूरी तरह असहाय हो गया, तब आरोपी ने मौका पाकर उसकी हत्या कर दी और शव को सुनसान जगह पर फेंक दिया। हत्या के बाद आरोपी ने इसे एक सामान्य मौत या हादसे का रूप देने की कोशिश की।
शव मिलने के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि मौके से कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिला था। न कोई चश्मदीद, न ही कोई स्पष्ट सुराग। पुलिस ने इसे ब्लाइंड मर्डर मानते हुए जांच शुरू की। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मृतक के अंतिम संपर्क, और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक की आखिरी बार बातचीत आरोपी से हुई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी से सख्ती से पूछताछ की, जिसमें वह पहले तो गुमराह करता रहा, लेकिन सबूतों के सामने आखिरकार टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि पैसों के विवाद के कारण उसने हत्या की योजना बनाई थी।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल किए गए सामान भी बरामद कर लिए गए हैं। मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला दिखाता है कि छोटे-छोटे आर्थिक विवाद किस तरह गंभीर अपराध का रूप ले सकते हैं। समय रहते बातचीत और समाधान न होने की स्थिति में ऐसे विवाद जानलेवा साबित हो सकते हैं।

