Samachar Nama
×

टूटी नंबर प्लेट ने खोला ब्लैकमेलिंग रैकेट का राज, 17 लड़कियों को धमकाने वाला आरोपी गिरफ्तार

टूटी नंबर प्लेट ने खोला ब्लैकमेलिंग रैकेट का राज, 17 लड़कियों को धमकाने वाला आरोपी गिरफ्तार

एक साधारण सी दिखने वाली टूटी हुई नंबर प्लेट ने एक ऐसे खतरनाक ब्लैकमेलिंग रैकेट का पर्दाफाश कर दिया, जिससे जुड़े आरोपी लंबे समय से 17 लड़कियों को निशाना बना रहे थे। पुलिस के अनुसार, यह मामला शुरुआत में एक सामान्य सड़क घटना जैसा लगा, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो पूरी कहानी ने चौंकाने वाला मोड़ ले लिया।

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को एक संदिग्ध वाहन के बारे में जानकारी मिली थी, जिसकी नंबर प्लेट आंशिक रूप से टूटी हुई थी। इसी छोटी सी जानकारी ने जांच को एक अहम दिशा दी। ट्रैफिक कैमरों और CCTV फुटेज की मदद से जब वाहन की पहचान की गई, तो पुलिस सीधे आरोपी तक पहुंचने में सफल हो गई।

जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले कई महीनों से एक संगठित तरीके से ब्लैकमेलिंग की वारदातों को अंजाम दे रहा था। वह युवतियों से संपर्क बनाकर उनकी निजी जानकारी और तस्वीरों का दुरुपयोग करता था और फिर उन्हें धमकाकर पैसे की मांग करता था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने कई लड़कियों को मानसिक दबाव में डालकर उनसे लगातार रकम वसूली थी। शुरुआती जांच में 17 पीड़ितों की पहचान हुई है, हालांकि आशंका जताई जा रही है कि यह संख्या और भी बढ़ सकती है।

मामले की सबसे अहम कड़ी तब सामने आई जब एक पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस को पूरी जानकारी दी। इसी शिकायत के आधार पर जांच शुरू हुई और तकनीकी निगरानी के जरिए वाहन तक पहुंच बनाई गई। वाहन की टूटी हुई नंबर प्लेट ने पहचान प्रक्रिया को आसान बना दिया।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरण जब्त कर लिए हैं। जांच टीम अब इन उपकरणों से डेटा रिकवर करने में जुटी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने लोगों को निशाना बनाया गया और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।

अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच तेज कर दी गई है। आरोपी से जुड़े अन्य संपर्कों और बैंक लेन-देन की भी जांच की जा रही है।

इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों में राहत और हैरानी दोनों देखी जा रही है। जहां एक ओर आरोपी की गिरफ्तारी से पीड़ितों को न्याय की उम्मीद जगी है, वहीं दूसरी ओर यह मामला साइबर और मानसिक उत्पीड़न के बढ़ते खतरे को भी उजागर करता है।

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की धमकी या ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं और ऐसे मामलों को नजरअंदाज न करें।

फिलहाल मामला जांच के अधीन है और पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में लगी हुई है, ताकि इस रैकेट से जुड़े हर व्यक्ति तक पहुंचा जा सके।

Share this story

Tags